बुखार के 10 घरेलू इलाज – Fever Home Remedies in Hindi

बुखार तब होता है जब हमारे शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस (या 98.6 डिग्री फ़ारेनहाइट) से अधिक हो जाता है। मूल रूप से बुखार किसी अन्य बीमारी या स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत होता है। यह ज्यादातर तब होता है जब हमारा शरीर किसी अन्य इंटरनल इन्फेक्शन जैसे फ्लू, मलेरिया आदि से लड़ रहा हो। यह इन्फेक्शन बैक्टीरियल या वायरल भी हो सकता है।

बुखार होने अन्य कारण हैं – कोई इन्फ्लेमेटरी बीमारी होना (inflammatory diseases), गैस्ट्रोएंटेरिटिसिस (gastroenteritis), मूत्र मार्ग में संक्रमण (urinary tract infections), कान में संक्रमण (ear infections), autoimmune disorders, कैंसर और खून के थक्के लगना (blood clots)।

बुखार होने के कुछ सामान्य लक्षण निम्न हैं – पसीना आना (sweating), सरदर्द (headache), मांसपेशियों में दर्द (muscle ache), डिहाइड्रेशन, कमजोरी (weakness), शरीर में कंपकंपी होना और भूख न लगना (loss of appetite)

बुखार आना एक अच्छी बात होती है क्योंकि यह इन्फेक्शन से लड़ने के लिए शरीर की प्रतिक्रिया होती है। लेकिन यदि यह बार-बार आ रहा हो और इसके कारण आपको काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा हो तो कुछ घरेलू उपचारों को अपनाकर आप इसका घर पर ही इलाज कर सकते हैं।

नोट – यदि आपका बुखार 40 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री फ़ारेनहाइट) से अधिक हो तो यह काफी खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देर करे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नीचे बुखार का घर पर ही इलाज करने के 10 सबसे कारगर नुस्खे दिए जा रहे हैं –

1. ठंडा पानी (Cool Water)

एक साफ कपड़े को पहले ठन्डे पानी में भिगोयें और फिर निचोड़ कर अपने शरीर के अत्यधिक गर्म स्थलों जैसे माथा, पैर के तलवे, कांख, पेट आदि पर रखें। ऐसा बार-बार करने पर बुखार में कमी आयेगी।

बीच-बीच में कपड़े को बदलते रहें या साफ करके प्रयोग करें। यह उपचार उच्च बुखार में काफी फायदेमंद होता है क्योंकि यह शरीर के तापमान को नियंत्रण में रखने में मदद करता है।

नोट – एकदम से अत्यधिक ठन्डे पानी का इस्तेमाल न करें क्योंकि इसके कारण शरीर का तापमान और अधिक बढ़ने का खतरा रहता है।

2. तुलसी

तुलसी बुखार को कम करने में काफी कारगर हर्ब होती है। यह शरीर में एंटीबायोटिक की तरह काम करती है और बुखार को जल्दी कम करने में काफी मदद करती है।

  • 20 तुलसी की पत्तियों और एक चम्मच पिसे अदरक को एक गिलास पानी में तब तक गर्म करें जब तक कि यह पानी आधा न रह जाये। अब इसमें थोड़ा सा शहद डालकर चाय की तरह सेवन करें। इसका सेवन दिन में दो-तीन बार करें।
  • आप तुलसी की चाय बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। या फिर, ताजा तुलसी की पत्तियों को चबाकर खा भी सकते हैं।

3. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

सेब का सिरका भी बुखार के इलाज में एक और काफी कारगर और सस्ता घरेलू इलाज है। इसमें मौजूद एसिड शरीर के बुखार को स्किन के जरिये बाहर निकालने में मदद करती है। साथ ही, इसमें भरपूर मिनरल्स भी पाए जाते हैं इसलिए बुखार के कारण शरीर में आई मिनरल्स की कमी को यह पूरा करता है।

  • नहाने के गर्म पानी में डेढ़ कप सेब का सिरका डालें। अब 10 मिनट के लिए इस पानी में अपने पूरे शरीर को दुबोयें। अगले 20 मिनट में ही आपको फायदा नजर आने लगेगा। शरीर का तापमान फिर से बढ़ने पर इसे दोबारा करें।
  • एक कप सेब के सिरके को दो कप पानी में मिलाएं। अब इसमें एक साफ कपड़ा भिगोकर निचोड़ लें और अपने माथे पर रखें। आप इस कपड़े को अपने पैरों के तलवों पर भी रख सकते हैं। जब यह कपड़ा गर्म हो जाये तो दूसरे कपड़े को भिगोकर और निचोड़कर रखें। इस उपचार को जरुरत के अनुसार बार-बार करें।
  • एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें। इसका सेवन दिन में दो-तीन बार करें।

4. लहसुन (Garlic)

लहसुन में वार्म नेचर होता है जो स्वेटिंग को बढ़ाकर उच्च बुखार को कम करता है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और रिकवरी स्पीड को बढ़ाता है। साथ ही, लहसुन एक एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल एजेंट होता है जो शरीर के इन्फेक्शन्स से लड़ने में मदद करता है।

  • लहसुन की एक कली को अच्छी तरह से कूटकर एक गिलास उबलते पानी में दाल दें। 10 मिनट तक इसे उबलने दें और फिर एक कप में छान लें। अब इसे चाय की तरह सेवन करें। इसका दिन में दो बार सेवन करने से ही आपको फयदा नजर आने लगेगा।
  • दो पिसी लहसुन की कलियों को दो चम्मच जैतून के तेल में मिलाकर गर्म करें। रात को सोने से पहले इसे अपने दोनों पैरों के तलवों पर लगायें और ऊपर से कपड़ा बाँध दें जिससे वह अपनी जगह बना रहे। ज्यादातर मामलों में यह उपचार एक रात में ही बुखार को ठीक कर देता है।

नोट – गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे लहसुन का प्रयोग न करें।

5. किशमिश (Raisins)

किशमिश शरीर के इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करती है और बुखार को कम करती है। किशमिश में phenolic phytonutrients होते हैं जिनमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं। साथ ही, किशमिश बुखार में टॉनिक की तरह काम करती है।

  • एक गिलास पानी में 25 किशमिश को एक घंटे के लिए डुबोकर रखें।
  • अब इन्हें पानी में ही मसलकर जूस बनायें।
  • अब इस जूस को छान लें और ऊपर से एक नींबू निचोड़कर सेवन करें।
  • इसका सेवन दिन में दो बार करें।

6. अदरक (Ginger)

अदरक शरीर की गर्मी को बाहर निकालने में मदद करता है जिससे बुखार को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही, अदरक एक प्राकृतिक एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल एजेंट होता है जो इम्यून सिस्टम को किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है।

  • गर्म पानी से भरे बाथटब में दो बड़ी चम्मच अदरक का पाउडर डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। अब इसमें 10 मिनट के लिए अपने पूरे शरीर को दुबोयें। अब अपने शरीर अच्छी तरह से पोंछ लें और फिर कम्बल से ढककर सोने के बिस्तर पर लेट जाएँ। इस दौरान ध्यान रखें कि आपका पूरा शरीर कम्बल से ढका होना चाहिए। थोड़ी ही देर में आपको पसीना आना शुरू हो जायेगा और आपका बुखार कम होने लगेगा।
  • दिन में तीन-चार बार बिना दूध की अदरक की चाय का सेवन करें।

7. पुदीना (Mint)

पुदीना में मौजूद कूलिंग प्रॉपर्टीज इंटरनल सिस्टम को ठंडा रखने में मदद करेंगी और शरीर के तापमान को कम करेंगी। यह शरीर की गर्मी को बाहर निकालने में भी मदद करता है।

  • एक चम्मच पिसी हुई ताजा पुदीना की पत्तियों को एक गिलास पानी में डालकर 10 मिनट के लिए उबालें। अब इसे छान लें और थोड़ा सा शहद मिला दें। इस चाय का सेवन दिन में चार बार करें।
  • आप इस में अदरक भी दाल सकते हैं।

8. अंडे सा सफेद हिस्सा (Egg White)

बुखार के दौरान बड़े तापमान को कम करने के लिए आप अंडे के सफेद भाग को भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह शरीर में कूलिंग जेल की तरह काम करता है और गर्मी को सोख लेता है। अंडे का सफेद भाग आधे घंटे में ही सिर से पांव तक का बुखार उतार देता है।

  • दो या तीन अण्डों को तोड़कर सफेद भाग निकाल लें।
  • अब इसे कूटकर बारीक बना लें।
  • अब इसे अपने पैरों के तलवों पर अच्छी तरह से लगाकर मोजे पहन लें।
  • जब यह सूख जाये तो इसे साफ करके दूसरा पेस्ट लगा लें।
  • इसे तबतक करते रहें जब तक कि बुखार सुरक्षित स्तर तक पहुँच जाये।

9. हल्दी (Turmeric)

हल्दी को भी बुखार के इलाज में काफी फायदेमंद मन जाता है। इसमें curcumin नामक केमिकल कंपाउंड पाया जाता है जिसमें एंटीवायरल, एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं। इसलिए यह इम्यून सिस्टम को किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है। यह बुखार से जुड़े complications को भी रोकता है और बुखार की अवधि को कम करता है।

  • एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी और एक चौथाई चम्मच काली मिर्च का पाउडर डालकर सेवन करें।
  • इसका सेवन दिन में दो बार करें।

10. चंदन (Sandalwood)

चन्दन में उपचारात्मक (therapeutic) और कूलिंग प्रॉपर्टीज होती हैं जो बुखार और इन्फ्लामेशन को कम करने में मदद करती हैं। यह बुखार के कारण हुए सिरदर्द को कम करने में भी मदद करती है।

  • डेढ़ चम्मच चन्दन के पाउडर में थोड़ा सा पानी डालकर पेस्ट बनायें।
  • अब इस पेस्ट को अपने माथे पर लगायें।
  • इस पेस्ट को हर तीन घंटे में बदलते रहें।

नोट – अच्छे रिजल्ट पाने के लिए अच्छी क्वालिटी के चन्दन का प्रयोग करें।

अतिरिक्त टिप्स

  • डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए खूब पानी और संतरे के जूस को पियें।
  • अत्यधिक ठन्डे पानी या बर्फ का इस्तेमाल न करें।
  • एक-दो दिन के लिए शरीर को पूरा आराम दें।
  • हरी सब्जियों का खूब सेवन करें।
  • ठन्डे और बासे खाने का सेवन न करें।
  • शराब और धूम्रपान से दूर रहें।

1 Response

  1. प्रवीण कुमार तिवारी कहते हैं:

    these are very useful points

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