दस्त (डायरिया) रोकने के घरेलू उपाय – Loose Motion Home Remedies in Hindi

सामान्य भाषा में दस्त या loose motion का मतलब होता है – मल का अत्यधिक पतला होना और बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना। इसे मेडिकल भाषा में डायरिया (diarrhea) भी कहा जाता है।

दस्त की समस्या तब उत्पन्न होती है जब खाया हुआ भोजन और पानी बड़ी आंत में काफी तेजी से या अत्यधिक मात्रा में गुजरने लगता है।

पतला मल होने के आलावा इसके अन्य लक्षण हैं – पेट में मरोड़, पेट में दर्दबुखार, पेट फूलना और कमजोरी महसूस होना। बार-बार मल त्यागने के कारण गुदा में खुजली, जलन और दर्द भी महसूस हो सकता है।

दस्त होने के कई कारण होते हैं जिनमें सबसे मुख्य कारण हैं – वायरल इन्फेक्शन, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, पैरासाइट अटैक, फूड पॉइजनिंग, दुग्ध उत्पादों को न पचा पाना या किसी एंटीबायोटिक के साइड इफ़ेक्ट के कारण

ज्यादातर मामलों में दस्त दो-तीन के लिए ही होते हैं। लेकिन यदि यह एक हफ्ते से अधिक समय से हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

यह किसी गंभीर पाचन विकार होने का संकेत भी हो सकते हैं। साथ ही, इसके कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और कमजोरी भी हो सकती है।

बार-बार दस्त होने की समस्या को कुछ आसान घरेलू उपचारों के द्वारा ठीक किया जा सकता है। यहाँ पर 10 सबसे कारगर उपचार दिए जा रहे हैं –

1. दही

दही में प्रोबायोटिक्स-स्ट्रेन ऑफ बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो पाचन शक्ति को ठीक करने में मदद करते हैं। यह बैक्टीरिया पाचन तंत्र में डायरिया फैलाने वाले रोगाणुओं से लड़ते हैं।

  • दस्त होने पर रोज 2 से 3 कटोरी दही का सेवन करें।
  • आप दही की लस्सी बनाकर भी सेवन कर सकते हैं।

दही के आलावा किमची भी फायदेमंद होता है।

2. सेब का सिरका (एप्पल साइडर विनेगर)

दस्त और loose motion को ठीक करने के लिए सेब का सिरका काफी कारगर घरेलू औषधि है। यह एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है और आंत में डायरिया फैलाने वाले जीवाणुओं को मारता है।

इसमें काफी मात्रा में पेक्टिन नामक कंपाउंड पाया जाता है जो आंतों में हुई खरोचों में राहत प्रदान करता है। साथ ही, यह पेट के pH लेवल को ठीक करने में भी मदद करता है जिससे पाचन ठीक होने में मदद मिलती है

  • एक चम्मच कच्चे और बिना छने हुए सेब के सिरके को एक गिलास हल्के गर्म पानी में मिलाएं।
  • अब इसमें थोड़ा सा शहद डालकर थोड़ी देर के लिए घोलें।
  • इसे दिन में 2 या 3 बार सेवन करें जब तक स्थिति में सुधार ना आ जाये।

3. केला

कच्चा और पका हुआ केला, दोनों ही में पेक्टिन कंटेंट होता है जो डायरिया को ठीक करता है। पेक्टिन एक पानी में घुलनशील पदार्थ होता है जो आंत में एक्स्ट्रा द्रव को सोख लेता है, जिससे मल गाड़ा हो जाता है और दस्त की समस्या ठीक हो जाती है।

केला में पोटैशियम भी प्रचुर मात्रा में होता है जो डायरिया के कारण खत्म हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को दोबारा ठीक करने में मदद करता है।

2001 में हुई एक रिसर्च के अनुसार हरे केले में मौजूद पेक्टिन अत्यधिक बिगड़े हुए दस्त के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह मल की मात्रा को कम करता है और बार-बार दस्त के बीच समय को बढ़ा देता है। इसके फलस्वरूप शरीर में ऊर्जा और पानी की कमी होने से बचा रहता है।

  • दस्त होने पर हर हर दो-तीन घंटे में एक पका हुआ केला खाएं।
  • आप इसके साथ दही का सेवन भी कर सकते हैं।
  • या फिर, एक कच्चे केले को उबाल लें और फिर एक कटोरी में मसलकर ऊपर से थोड़ा सा निम्बू का रस और एक चुटकी नमक डाल दें। इसे खाने से पहले सेवन करें।

4. अदरक

प्राचीन आयुर्वेद के मुताबित अदरक भी loose motion में एक अच्छा उपाय होता है। यह पेट की मांशपेशियों को मजबूत बनाता है और भोजन के पेट में फंसने से रोकता है। यह आंतों के एंजाइम्स को भी उत्तेजित करता है जो अच्छे पाचन को बढ़ावा देते हैं।

2007 में अमेरिकन केमिकल सोसाइटी में हुई एक स्टडी के अनुसार अदरक छोटे शिशुयों में दस्त पैदा करने वाले खतरनाक बैक्टीरिया से भी लड़ता है।

  • एक चम्मच अदरक की चटनी को डेढ़ कप पानी में मिलाएं। अब इस पानी को उबालें और फिर छानकर 5-10 मिनट के लिए ठंडा होने दें। इस अदरक की चाय को दिन में दो-तीन बार सेवन करें।
  • या फिर, एक-एक चम्मच सूखा अदरक का पाउडर, जीरा पाउडर, दालचीनी पाउडर और शहद को आपस में मिलाकर दिन में दो-तीन बार सेवन करें।

नोट – जिन लोगों को उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) की समस्या है वो अदरक का अधिक सेवन न करें।

5. हल्दी

हल्दी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक होती है जो दस्त फैलाने वाले बैक्टीरिया से लड़ती है। यह शरीर के इम्युनिटी पॉवर को भी बढाती है।

  • आधा चम्मच हल्दी के पाउडर को एक गिलास गर्म पानी में मिलाएं। इसे अच्छी तरह मिलाएं और जल्दी-जल्दी पी लें, क्योंकि इसका पाउडर बहुत जल्दी पानी के नीचे बैठ जाता है। इसे दिन में 2-3 बार पियें।
  • या फिर, एक चम्मच हल्दी को दो चम्मच दही में मिलाकर सेवन करें। इसे भी दिन में 2-3 बार सेवन करें।

6. दालचीनी

दालचीनी में काफी शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल प्रॉपर्टीज होती हैं जो पेट में दस्त पैदा करने वाले हानिकारक जीवों को नष्ट कर देती हैं। यह डाइजेस्टिव एंजाइम्स को उत्तेजित भी करती है।

  • एक चम्मच दालचीनी का पाउडर और आधा चम्मच पिसे हुए ताजा अदरक को एक कप उबले पानी में मिलाएं। अब इसे 30 मिनट के लिए ढक कर रख दें और फिर सेवन करें। ऐसा दिन में दो बार करें।
  • या फिर, आधा चम्मच दालचीनी पाउडर और एक चम्मच शहद को एक कप गर्म पानी में मिलाएं और सेवन करें। इसे भी दिन में दो बार सेवन करें।
  • आप केले या दही में दालचीनी का पाउडर डालकर भी सेवन कर सकते हैं।

7. कैमोमाइल

कैमोमाइल में एंटी डायरियल इफेक्ट होते हैं, इसलिए यह दस्त को ठीक करने में फायदेमंद होती है। यह डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक से काम करने में मदद करता है। इसमें एंटीस्पास्मोडिक प्रॉपर्टीज भी होती हैं जो पेट की ऐंठन और दर्द कम करने में करती हैं।

  • एक-एक चम्मच सूखा कैमोमाइल फ्लावर और पेपरमिंट की पत्तियों को एक कप गर्म पानी में मिलाएं। अब इसे 5 से 10 मिनट ठंडा होने दें और फिर छानकर पी लें। ऐसा दिन में दो-तीन बार करें।
  • आप कैमोमाइल टी का सेवन भी कर सकते हैं। बाजार में कैमोमाइल टी बैग आसानी से उपलब्ध होते हैं।

8. अनार

अनार दस्त रोकने का एक पारंपरिक उपचार है। यह शरीर को एंटीफंगल, एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल लाभ प्रदान करता है। यह पेट की भीतरी दीवारों से खतरनाक बैक्टीरिया को चिपकने से रोकता है जिससे दस्त की बीमारी स्थाई नहीं बन पाती। यह उल्टी, भूख कम लगना और जी मचलना की समस्या को भी दूर करता है।

  • रोज दो गिलास ताजा अनार के जूस का सेवन करें।
  • या फिर, एक मुट्ठी सूखे अनार के छिलकों को एक गिलास पानी में डालें। अब इसे उबालें और फिर 15 मिनट के लिए ठंडा होने दें। अब छान लें और दिन में थोड़ा-थोड़ा करके सेवन करें।

9. स्टार्च युक्त खाना

दस्त होने के दौरान शरीर में कमजोरी आने लगती है जिसे पूरा करने के लिए स्टार्च युक्त भोजन करना जरूरी होता है। स्टार्च युक्त भोजन को हमारा शरीर बहुत जल्दी सोख लेता है जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिल पाती है।

कुछ सबसे अच्छे स्टार्च युक्त खाद्य पदार्थ हैं – सफेद चावल, उबले आलू, टैपिओका अनाज और पकी हुई गाजर।

10. हाइड्रेटेड रहना या शरीर में पानी की कमी न होने देना

दस्त के दौरान शरीर से अत्यधिक पानी का नुकसान होता है जिससे शरीर डीहाइड्रेट होने लगता है। इसलिए शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए उपयुक्त कदम उठाना जरूरी होते हैं क्योंकि शरीर में मामूली डिहाइड्रेशन होने पर भी आपकी कंडीशन और ज्यादा बिगड़ शक्ति है।

  • दिनभर थोड़े-थोड़े फिल्टर्ड पानी का सेवन करते रहें। घर से बाहर निकलने से पहले पानी की बोतल साथ में रखें और उसी के पानी का सेवन करें।
  • नारियल पानी का सेवन भी दस्त के दौरान होने वाले डिहाइड्रेशन को दूर करता है।
  • 2 से 3 कप ग्रीन टी का सेवन भी फायदेमंद होता है।

अतिरिक्त टिप्स

  • कैफीन और अल्कोहल युक्त पदार्थों का सेवन न करें क्योंकि इनसे डिहाइड्रेशन और बढ़ता है।
  • कुछ दिनों के लिए पानी युक्त और कम फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे चावल, टोस्ट आदि का सेवन करें।
  • कुछ दिनों के लिए डेरी प्रोडक्ट (दुग्ध उत्पाद), अत्यधिक वसा युक्त और फाइबर युक्त पदार्थों का सेवन न करें।
  • बाहरी वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन से बचे रहने के लिए खाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें।
  • बाहर का खाना न खाएं और घर पर खाना बनाते समय साफ़ -सफाई का ध्यान रखें। रखा हुआ बासी खाना का सेवन न करें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

error: Content is Copyrighted