गर्दन में दर्द का घरेलू इलाज – Neck Pain Home Remedies in Hindi

गर्दन हमारे शरीर का एक जटिल संरचना वाला और कई प्रकार की गतिशीलता वाला अंग है, इसलिए इसका स्वस्थ रहना बहुत ही जरूरी होता है। जब गर्दन में दर्द होता है तो इसे इधर-उधर घुमाना भी मुश्किल हो जाता है और अपने दिन के नार्मल कामकाज करने में भी मुश्किल होने लगती है।

Normally यह दर्द गर्दन, कंधे और इनके आसपास की मांसपेशियों में होता है। इसके कारण सरदर्द (headache), सुन्नता (numbness), झुनझुनी (tingling), कठोरता (stiffness) और गर्दन में सूजन भी हो सकती है।

गर्दन में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं। इसमें सबसे मुख्य कारण निम्न हैं – खराब मुद्रा या गर्दन को अप्राकृतिक रूप से हिलाना (poor posture), बिना ब्रेक के लम्बे समय तक डेस्क पर काम करना, गर्दन को गलत अवस्था में रखकर सोना और व्यायाम या किसी अन्य कारण से गर्दन में झटका लगना या मरोड़ आना

इसके अन्य कारण हैं – पोषक तत्वों की कमी (nutritional deficiencies), गर्दन में चोट लगना (neck injury), तंत्रिका संपीड़न (nerve compression), गर्दन संबंधी स्पोंडिलोसिस (cervical spondylosis) आदि। कुछ दुर्लभ मामलों में रीढ़ की हड्डी के इन्फेक्शन या कैंसर के कारण भी गर्दन दर्द हो सकता है।

ज्यादातर मामलों में गर्दन का दर्द कोई गंभीर समस्या नहीं होता और कुछ आसान घरेलू उपचारों को अपनाकर घर पर ही ठीक किया जा सकता है।

यहाँ पर गर्दन दर्द को ठीक करने के 10 सबसे कारगर घरेलू उपचार दिए जा रहे हैं –

1. आइस पैक (बर्फ का टुकड़ा)

गर्दन दर्द को ठीक करने के लिए आइस पैक का इस्तेमाल सबसे कारगर और सरल घरेलू नुस्खा होता है। इसका कोल्ड टेम्परेचर इन्फ्लामेशन को कम करता है दर्द को ठीक करने में मदद करता है।

  • एक प्लास्टिक के बैग में बर्फ के टुकड़ों को डालकर तोड़ लें।
  • अब इस बैग को एक पतली टॉवल में लपेट लें।
  • फिर इसे अपनी गर्दन पर 15 से 20 मिनट के लिए रखें।
  • इस उपचार को हर 2-3 घंटे में करें।

नोट – आइस को सीधे स्किन पर न लगायें।

2. जलचिकित्सा (Hydrotherapy)

जलचिकित्सा भी गर्दन दर्द को ठीक करने में काफी फायदेमंद होती है। इसे घर पर ही शावर में आसानी से किया जा सकता है। दर्द के स्थान पर पानी की बौछारें पड़ने पर दर्द और पीड़ा में कमी आती है।

  • अपनी गर्दन पर तीन-चार मिनट के लिए गर्म पानी की तेज बौछारें मारें।
  • अब इसे दोबारा ठन्डे पानी से करें।
  • जरुरत अनुसार इसे बार-बार करें।

गर्म पानी रक्त संचार को बढ़ाएगा और अकड़ी मांसपेशियों को आराम देगा। ठंडा पानी इन्फ्लामेशन को कम करेगा।

नोट – इस उपचार को करते समय अपनी गर्दन को सीधा रखें और इधर-उधर न घुमाएँ।

3. सेंधा नमक का स्नान (Epsom Salt Bath)

सेंधा नमक मांसपेशी के खिंचाव (muscle tension) को ठीक करता है, तनाव कम करता है और दर्द में तत्काल राहत (instant relief) प्रदान करता है। इसमें मैग्नीशियम सल्फेट होता है जो मांसपेशियों को आराम देनेवाली प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है, जिससे सूजन और दर्द में राहत मिलती है।

  • गर्म पानी के टब में दो कप सेंधा नमक मिलाएं।
  • अब इसमें अपने पूरे शरीर को 15-20 तक डुबोये रखें। ध्यान रखें आपकी गर्दन भी पानी में डूबी होनी चाहिए।
  • इसे तब तक रोज करें जब तक कि आपका गर्दन का दर्द पूरी तरह से ठीक न हो जाये।

नोट – यदि आपको कोई दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) या मधुमेह (डायबिटीज) हो तो इस उपचार को न करें।

4. सेब का सिरका (एप्पल साइडर विनेगर)

सेब का सिरका एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी एजेंट होता जो गर्दन दर्द में तत्काल राहत देता है। साथ ही, इसमें कई सारे पोषक तत्व होते हैं जिससे पोषक तत्वों की कमी के कारण हुए दर्द में भी राहत मिलती है।

  • एक रुमाल को सेब के सिरका में भिगो लें। अब इसे गर्दन के दर्द वाले हिस्से में रखें। इसे कम से कम दो घंटे के लिए ऐसा ही रखा रहने दें। इस उपचार को रोज दो बार करें।
  • या फिर, गर्म पानी से भरे बाथ टब में दो कप सेब का सिरका मिला दें। अब कम से कम 15 मिनट के लिए इसमें अपनी गर्दन के साथ पूरा शरीर डुबोएं। इसे रोज करें जब तक कि आपका दर्द पूरी तरह से ठीक न हो जाये।

5. गर्दन का व्यायाम (Neck Exercise)

ऐसे कई प्रकार के गर्दन के व्यायाम हैं जिनको अपनाकर आप गर्दन दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। यह व्यायाम आपकी गर्दन और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों को स्थिर और मजबूत बनाएंगी। साथ ही यह तनाव और डिप्रेशन को कम करने में भी मदद करेंगी

गर्दन के दो विशेष व्यायामों को अपनाकर गर्दन दर्द को कम किया जा सकता है और रोका जा सकता है। इन व्यायामों को करने से पहले अपनी गर्दन को गर्म कपड़े से सिंकाई करें।

  • अपनी गर्दन को सर्कुलर मोशन (circular motion) में घुमाएँ (clockwise और anti-clockwise दोनों तरफ)। इससे गर्दन को स्ट्रेच होने में मदद मिलेगी। शुरुआत में इससे थोड़ा दर्द होगा लेकिन अंत में आपकी गर्दन में ढीलापन और मजबूती आयेगी।
  • आप अपनी गर्दन को ऊपर-नीचे और अगल-बगल भी घुमा सकते हैं।

हर व्यायाम को एक session में पांच बार करें। रोज कम से कम तीन session करें।

6. लैवेंडर आयल (Lavender Oil)

लैवेंडर आयल को भी गर्दन दर्द को कम करने में उपयोग किया जा सकता है। इसकी मालिश करने से अकड़ी मांसपेशियों में ढीलापन आता है और अच्छी नींद आने में मदद मिलती है।

  • सबसे पहले हॉट बाथ लें जिससे गर्दन की पीड़ादायक मांसपेशियों को आराम मिल जाये।
  • अब अपनी गर्दन और कन्धों पर लैवेंडर आयल लगायें।
  • फिर धीरे-धीरे circular motion में मालिश करें। ऐसा कम से कम 10 मिनट के लिए करें।
  • जरुरत अनुसार इस उपचार को रोज करें।

आप लैवेंडर आयल में नारियल का तेल या जैतून का तेल मिलाकर भी उपयोग कर सकते हैं।

नोट – यदि मालिश करने से दर्द और ज्यादा बढ़ता है तो इसे न करें।

7. शीरा (Blackstrap Molasses)

यदि आपके गर्दन का दर्द पोषक तत्वों की कमी (nutrient deficiency) के कारण है, खासतौर पर कैल्शियम और पोटैशियम की कमी के कारण, तो शीरा का उपयोग आपको काफी राहत प्रदान कर सकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और पोटैशियम होते हैं जो मजबूत मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों के लिए जरूरी हैं।

  • एक गिलास गर्म पानी में दो चम्मच शीरा मिलाकर सेवन करें।
  • इसका सेवन रोज दो बार करें।

8. हल्दी (Turmeric)

गर्दन के दर्द को ठीक करने के लिए आप हल्दी का प्रयोग भी कर सकते हैं। हल्दी में curcumin नामक जरूरी phytochemical होता है जो एंटी-इन्फ्लेमेटरी एजेंट की तरह काम करता है जिससे दर्द को कम करने में मदद मिलती है।

  • एक गिलास दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाएं।
  • अब इसे हल्की आंच में 5 मिनट के लिए गर्म करें।
  • अब इसमें थोड़ा सा शहद मिला दें और ठंडा होने के लिए रख दें। और फिर सेवन करें।
  • इसका सेवन रोज दो बार करें जब तक कि दर्द पूरी तरह से ठीक न हो जाये।

9. अदरक (Ginger)

अदरक एक प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी एजेंट होता है जो ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और दर्द वाले हिस्से में जरुरत अनुसार ब्लड पहुँचाने में मदद करता है। इससे दर्द और इन्फ्लामेशन कम करने में काफी मदद मिलती है।

  • एक छोटे अदरक के टुकड़े को छोटे-छोटे स्लाइसेस में काट लें। अब इन्हें दो कप पानी में डालकर 10 मिनट के लिए उबालें। अब छान लें और थोड़ा सा शहद मिलाकर चाय की तरह सेवन करें। इसका सेवन रोज कम से कम तीन कप करें।
  • या फिर, डेढ़ चम्मच अदरक के पाउडर को एक गिलास पानी में घोलकर सेवन करें। ऐसा दिन में तीन बार करें।

10. लाल मिर्च (Cayenne Pepper)

लाल मिर्च में capsaicin नामक कंपाउंड होता है जिसमें analgesic और anti-inflammatory properties होती हैं जो दर्द को कम करने में मदद करती हैं।

  • तीन चम्मच गर्म जैतून के तेल में एक चम्मच लाल मिर्च मिलाएं। इसे अच्छी तरह से मिलाकर गर्दन की दर्द वाली मांसपेशियों में लगायें। इस उपचार को रोज दो बार करें जब तक कि दर्द पूरी तरह से ठीक न हो जाये।
  • आप capsaicin क्रीम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह क्रीम बाजार में आसानी से उपलब्ध होती है।

अतिरिक्त टिप्स और ध्यान देने योग्य बातें

  • कुछ दिनों के लिए सोते समय तकिये का इस्तेमाल न करें।
  • डिप्रेशन और तनाव को कम करें क्योंकि इससे मांसपेशियों में तनाव बढ़ता है।
  • रोज सुबह-शाम कपालभाती प्राणायाम (सांस अन्दर बाहर लेना) करें। साथ ही अन्य relaxation techniques जैसे मैडिटेशन (ध्यान) आदि भी करें।
  • हमेशा अपने शरीर और गर्दन को अच्छी मुद्रा में रखें और अप्राकृतिक मुद्रा से बचें।
  • मोटापा और वजन को नियंत्रित करें
  • नियमित रूप से swimming करें। इससे गर्दन और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
  • हमेशा काम करते समय कुर्सी पर सीधे बैठें।
  • धूम्रपान न करें क्योंकि इससे healing process धीमी हो जाती है।
  • यदि आपकी गर्दन में अत्यधिक कठोरता है तो ड्राइविंग न करें।

यदि गर्दन का दर्द एक हफ्ते से अधिक समय तक रहता है तो इसका कारण अन्य गंभीर समस्याएं जैसे गर्दन में गांठ, ग्रंथियों में सूजन आदि हो सकते हैं। यदि आपको गर्दन में दर्द के साथ-साथ बुखार, हाथ-पैरों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी आदि भी हो रही हैं तो तुरंत डॉक्टर से जाँच कराएँ।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

error: Content is Copyrighted