पायरिया के 10 घरेलू उपचार – Pyorrhea Home Remedies in Hindi

पायरिया (pyorrhea) को periodontitis disease भी कहा जाता है। इसमें मसूड़े और हड्डियाँ जो दांतों को support देती हैं उनमें सूजन और इन्फेक्शन होने लगता है।

यह बीमारी होने का सबसे मुख्य कारण होता है दांतों और मसूड़ों की ठीक से देखभाल न करना और मसूड़ों की सूजन को नजरंदाज करना जिसके कारण उनमें bacterial plaque फैल जाता है और दांतों में मैल जैसा दिखाई देने लगता है।

Bacterial infection के कारण दांतों को सहारा देने वाली हड्डियाँ और connective tissue टूटने लगते हैं और दांत गिरने तक की नौबत आ जाती है।

पायरिया के लक्षण हैं – मसूड़ों से खून बह रहा (bleeding of the gums), सांसों में बदबू (bad breath), मसूड़ों में सूजन (inflamed gums), मुंह में छाले होना (mouth ulcers), मसूड़ों और दांतों के बीच में गहरे गड्डे पड़ना, मसूड़ों में मवाद बनना और दांत हिलना या गिरना

पायरिया के सबसे मुख्य कारण हैं – मसूड़ों में सूजन की बीमारी (gingivitis), आनुवंशिक कारण (heredity), तंबाकू उत्पादों के अत्यधिक उपयोग, मुंह को स्वच्छ न रखना, बढ़ती उम्र, मधुमेह होना, pregnancy या menopause के दौरान hormonal changes होना

यदि पायरिया का समय पर इलाज न किया जाये तो दांत गिरने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। इसके आलावा इसके कारण heart attacks, strokes और कई अन्य गंभीर बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

चूंकि पायरिया एक सामान्य समस्या है जो किसी को भी हो सकती है लेकिन इसे काफी हद तक होने से रोका जाता है। इससे बचने के लिए और इसका घर पर ही इलाज करने के 10 सबसे कारगर घरेलू उपचार नीचे दिए जा रहे हैं –

1. नमक (Salt)

नमक में antiseptic और antibacterial properties होती हैं जो पायरिया को फैलाने वाले bacteria को ख़त्म करती हैं। यह सूजन और दर्द को भी कम करता है।

  • एक गिलास गुनगुने पानी में दो चम्मच नमक घोल लें। अब अपने मुंह में जितना पानी भर सकें उतना भर लें और एक मिनट तक भरे रखें। अब पानी को थूक कर दूसरा पानी भर लें। इसे तीन चार बार करें।
  • थोड़े से नमक में थोड़ा सा सरसों का तेल मिलकर पेस्ट बना लें। रोज मंजन करने के बाद इसे पेस्ट से अपने मसूड़ों को 5 मिनट के लिए ब्रश करें। इस उपचार को रोज सुबह करें।

2. तेल की मालिश

मसूड़ों की तेल से मालिश करने से पायरिया दूर होता है और bacteria द्वारा फैलाया plaque खत्म होता है। इससे मसूड़े मजबूत होते हैं और मुंह स्वस्थ रहता है।

  • मुंह में थोड़ा सा unrefined नारियल का तेल या सरसों का तेल डालकर 15-20 मिनट के लिए मसूड़ों की मालिश करें।
  • अब इस तेल को बाहर थूंक कर गर्म पानी से कुल्ला करें।
  • यह उपचार रोज सुबह ब्रश करने से पहले करें।

Note – तेल को निगलें नहीं और न ही इसका कुल्ला करें।

3. हल्दी (Turmeric)

हल्दी में curcumin होता है जिसके antibacterial और anti-inflammatory effects होते हैं। हल्दी मसूड़ों मौजूद bacteria को बहुत ही आसानी से खत्म कर देती है और मसूड़ों के दर्द और सूजन को भी कम करती है। यह मुंह की बदबू को भी कम करती है।

  • रोज हल्दी से अपने दांतों और मसूड़ों को ब्रश करें। इसे रोज दिन में दो बार करें।
  • आप हल्दी की vitamin E के साथ मिलकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

4. अमरूद (Guava)

विटामिन सी से भरपूर होने के कारण अमरूद को भी पायरिया में फायदेमंद माना जाता है। जीवाणुरोधी होने के कारण यह मसूड़ों में इन्फेक्शन नहीं फैलने देता। मुंह की बदबू खत्म करने के साथ यह मसूड़ों और दांतों को स्वस्थ भी रखता है।

  • अमरूद के पेड़ के कुछ पत्तों को तोड़कर धो लें। अब इन पत्तियों को 10-15 के लिए चबाकर थूंक दें। इसे नियमित करने से मसूड़ों से खून निकलना बंद हो जाता है और उनमें मवाद नहीं बनता।
  • एक ताजा अमरूद को चार टुकड़ों में काट लें। अब इनपर नमक छिड़ककर धीरे-धीरे चबाकर खाएं। यह plaque को खत्म करके मसूड़ों को मजबूत बनाएगा।

5. नीम

नीम में antibacterial properties मौजूद होती हैं जो harmful bacteria से लड़ती हैं। यह सांसो की बदबू को भी खत्म करती है।

  • नीम की कुछ पत्तियों को पीसकर रस निकाल लें। अब इसे अपने मसूड़ों और दांतों की जड़ों में लगायें। पांच मिनट बाद गुनगुने पानी से इसे धो लें। इस उपाय को दिन में दो-तीन बार करें।
  • नीम की दातून करने से भी मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।

6. हाइड्रोजन पेरोक्साइड

हाइड्रोजन पेरोक्साइड germs को मारता है और मसूड़ों की समस्यायों से लड़ता है। यह दांतों को सफेद करने के लिए भी फायदेमंद है। केवल 3 percent hydrogen peroxide solution का ही इस्तेमाल करें।

  • हाइड्रोजन पेरोक्साइड और पानी को समान मात्रा में लेकर मिक्स कर लें। अब कुछ मिनट के लिए इससे अपने मसूड़ों को साफ करें और फिर पानी थूंक दें।
  • एक चम्मच खाने के सोडा (baking soda) में थोड़ा सा हाइड्रोजन पेरोक्साइड डालकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट से अपने मसूड़ों को मंजन की तरह साफ करें।

Note – यह recommend किया जाता है कि हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल केवल dentist की सलाह लेकर ही करें।

7. तुलसी

मसूड़ों में खून बहने पर तुलसी काफी कारगर औषधि है। यह antibacterial होती है मसूड़ों में इन्फेक्शन नहीं होने देती। यह दांतों के दर्द को भी कम करती है।

  • एक चम्मच सूखी तुलसी से बने पाउडर में थोड़ा सा सरसों का तेल डालकर पेस्ट बना लें। अब इससे अपने मसूड़ों और दांतों पर ब्रश करें। इसे दिन में दो बार करें।
  • अपनी चाय में भी तुलसी डालकर सेवन करें।

8. लाल मिर्च

लाल मिर्च में anti-inflammatory properties होती हैं जो पायरिया के कारण मसूड़ों में हुई सूजन को कम करती हैं। इसमें capsaicin होने के कारण यह दर्द को भी कम करती है।

  • अपनी उंगली में थोड़ी सी लाल मिर्च लेकर मसूड़ों को मलें।
  • इसके बाद गुनगुने पानी से कुल्ला करलें।
  • यदि मिर्च के कारण मसूड़ों में अत्यधिक जलन होने लगे तो थोड़े से शहद का सेवन करलें।
  • इसे नियमित करने से पायरिया धीरे-धीरे ठीक हो जाता है।

9. Tea Tree Oil

Tea tree oil आसानी से बाजार में उपलब्ध होता है। इसमें natural antibacterial और antiseptic properties होती हैं जो microorganisms से लड़ती हैं। यह bleeding और gingival inflammation को भी कम करती हैं।

  • tea tree oil के gel से मसूड़ों को ब्रश करें।
  • आप अपने regular टूथपेस्ट में tea tree oil मिलाकर भी ब्रश कर सकते हैं।

Note – Tea tree oil को निगलें नहीं।

10. काली मिर्च (Black Pepper)

आयुर्वेद में काली मिर्च को पायरिया में काफी कारगर औषधि बताया गया है। यह plaque को खत्म करके और दांतों के मैल को निकालकर इन्फेक्शन को कम करती है। यह मसूड़ों को मजबूत भी बनती है।

  • काली मिर्च में थोड़ा नमक मिलाकर मसूड़ों की मालिश करें।
  • आप अपने भोजन में भी काली मिर्च का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अतिरिक्त टिप्स

  • पालक के रस और गाजर के रस को समान मात्रा में मिलकर रोज सेवन करें।
  • विटामिन सी युक्त पदार्थों का सेवन अधिक करें।
  • Doctor से सलाह लेकर विटामिन डी की दवाएं लें, इससे oral health ठीक होगी।
  • Refined sugar से बने पदार्थों का सेवन न करें।
  • सोने से पहले दांतों को ब्रश करें।
  • खाने के बाद गुनगुने पानी से मुंह को अच्छी तरह से कुल्ला करें।
  • नियमित रूप से dentist से अपने दांतों की जाँच करते रहें।

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