बवासीर के लक्षण और 10 घरेलू उपचार – Piles Symptoms and Treatment in Hindi

बवासीर को मेडिकल में piles या hemorrhoids कहा जाता है। यह बीमारी ज्यादातर 45 से 65 के बीच की उम्र के लोगों को होती हैं।

सूची

बवासीर के कारण

बवासीर तब होती है जब गुदा और मलाशय की नसों में किसी कारण बस सूजन और इन्फ्लामेशन होने लगता है। इसके सबसे मुख्य कारण हैं – लम्बे समय से कब्ज होना, मोटापा, फूड एलर्जी, आलस्य या शारीरिक गतिविधि कम करना, गर्भावस्था (प्रेगनेंसी), अधिक समय तक एक ही जगह पर बैठे रहना, भोजन में फाइबर की कमी, रात को अधिक देर तक जागना, धूम्रपान और शराब का सेवन, शरीर में पानी की कमी, डिप्रेशन, फैमिली हिस्ट्री और अत्यधिक तले-भुने खाने का सेवन

बवासीर में मरीज के गुदा द्वार में मस्से हो जाते हैं जिनमे निरंतर खून बहने और अत्यधिक दर्द होने कारन मरीज काफी कमजोर और दुखी हो जाता है। बवासीर के 2 प्रकार होते हैं – पहला बाहर की बवासीर (external hemorrhoid) और अन्दर की बवासीर (internal hemorrhoid).

बाहर की बवासीर में patient के गुदा द्वार के आसपास मस्से होते हैं जिनमे दर्द तो नहीं होता लेकिन खुजली होती है। उन मस्सों को अधिक खुजलाने की वजह से उनमें से खून भी आने लगता है।

अन्दर की बवासीर में गुदा के अन्दर मस्से होते हैं और मल करते समय जोर लगाने पर रोगी को बेहद तेज दर्द होता है और खून भी बाहर आने लगता है।

बवासीर के लक्षण

बवासीर के कुछ सामान्य लक्षण निम्न हैं – गुदा के आसपास मस्से या गांठ होना, मल त्यागते समय ब्लड आना, गुदा के आसपास खुजली होना, मस्सों में से लगातार खून निकलना और बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना लेकिन त्यागते समय मल न निकलना

यदि लम्बे समय तक बवासीर को नजरंदाज किया जाये और इसका सही उपचार न किया जाये तो इसके कारण कुछ सीरियस समस्याएं , जैसे खून की कमी (एनीमिया) और टिश्यू डेथ (ऊतकों का मरना) हो सकती हैं। इसके कारण गुदा, मलाशय और पेट के कैंसर होने की सम्भावना भी बढ़ सकती है।

बवासीर होने पर बिना किसी संकोच के डॉक्टर को पूरी जानकारी दें और इसका उचित इलाज करायें। इसके आलावा कुछ घरेलू उपचारों को अपनाकर भी बवासीर को ठीकया जा सकता है। यहां पर बवासीर के 10 सबसे कारगर घरेलू उपचार दिए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें – बवासीर के मस्से जल्दी ठीक करने के 10 अचूक इलाज

बवासीर के 10 घरेलू उपचार

बर्फ बवासीर के मस्सों को कम करता है

बवासीर में बर्फ का इस्तेमाल करना सबसे आसान और फायदेमंद होता तरीका होता है। यह गुदा में ब्लड वेसल्स को सिकोड़ देता है, सूजन को कम करता है और दर्द में तुरंत आराम प्रदान करता है।

  • एक साफ कपड़े में बर्फ के टुकड़ों को बांध लें और अपने गुदा के मस्सों पर 10-15 मिनट के लिए रखें। इसे दिन में कई बार करें जब तक कि बवासीर पूरी तरह से ठीक न हो जाये।
  • आप बर्फ को बिना कपड़े के सीधे भी लगा सकते हैं।

बवासीर का प्राकृतिक इलाज करने के लिए एलोवेरा है फायदेमंद

बवासीर के इलाज में एलोवेरा प्रकृति की सबसे कारगर सामग्रियों में से एक है। एलोवेरा में एंटी-इन्फ्लामेट्री और चिकित्सकीय गुण होते हैं जो बवासीर की जलन, दर्द और खुजली को कम करने में मदद करते हैं। एलोवेरा को अन्दर और बाहर, दोनों प्रकार की बवासीर में इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • बाहर की बवासीर होने पर एलोवेरा जेल को अपने गुदा में लगायें और धीरे-धीरे मालिश करें। इससे दर्द और जलन में राहत मिलेगी।
  • अन्दर की बवासीर होने पर एलोवेरा की पत्तियों को स्ट्रिप्स में काटें। अब इन्हें ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें। अब इन ठंडी एलोवेरा की स्ट्रिप्स को अभावित क्षेत्र में लगायें।

बवासीर को बढ़ने से रोकने के लिए नींबू के रस का इस्तेमाल करें (Lemon Juice)

नींबू के रस में रक्त कोशिकायों की दीवारों को मजबूत बनाने वाले पदार्थ पाए जाते हैं जिससे बवासीर को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।

  • एक रुई के टुकड़े को ताजा नींबू के रस से भिगो लें और मस्सों पर लगायें। शुरुआत में इससे हल्की-हल्की जलन महसूस होगी लेकिन बाद में दर्द से काफी आराम मिलेगा।
  • एक कप दूध में आधा नींबू निचोड़ कर सेवन करें। ऐसा हर तीन घंटे में करें।
  • रोज डेढ़-डेढ़ चम्मच नींबू, अदरक और पुदीना के रस को दो चम्मच शहद में मिलाकर सेवन करें।

बादाम का तेल बवासीर मे ठंडक प्रदान करता है

बादाम के तेल में ठंडक प्रदान करने वाले और डीप टिश्यू अवशोषण के गुण होते हैं, जो बाहर की बवासीर में आराम प्रदान करने में काफी मदद करते हैं। रुई के टुकड़े को बादाम के तेल में भिगोकर प्रभाविउट क्षेत्र में लगायें। यह ऊतकों को नमी प्रदान करता है, इन्फ्लामेशन को कम करता है और दर्द व जलन को ठीक करता है। इसको दिन में तीन-चार बार इस्तेमाल करें।

बहरी बवासीर के इलाज में जैतून का तेल (Olive Oil)

जैतून के तेल में एंटी-इन्फ्लामेट्री और एंटी-ऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं और अक्सर इसका इस्तेमाल बाहरी बवासीर के इलाज में किया जाता है। यह रक्त कोशिकाओं के लचीलेपन (इलास्टिसिटी) को बढ़ाने में मदद करता है जिससे उनको सिकुड़ने में मदद मिलती है और सूजन कम हो जाती है। इसमें मोनो-सैचुरेटेड फैट्स भी होते हैं जो उत्सर्जन तंत्र (excretory system) की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं।

  • एक चम्मच जैतून के तेल का सेवन करें।
  • बेर के पेड़ की पत्तियों को पीसकर उसका जूस निकाल लें और इसमें बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिला लें। अब इस मिश्रण को अपने मस्सों पर लगायें। इससे आपको सूजन और दर्द में राहत मिलेगी।

बवासीर के लक्षणों को कम करने के लिए साबुत अनाज का इस्तेमाल (Whole Grains)

यदि आपको बवासीर है तो आज से नियमित साबुत अनाज का सेवन करना शुरू कर दें। साबुत अनाज से बने प्रोडक्ट्स में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो बवासीर के लक्षणों और ब्लीडिंग को ठीक करने में काफी कारगर होता है।

यह न्यूट्रिएंट जठरांत्र प्रणाली (gastrointestinal system) को साफ करता है, कब्ज को रोकता है और पेट को ठीक से काम करने में मदद करता है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ मल को नरम बनाते हैं जिससे मल त्यागने के दौरान दबाव कम होता है। साबुत अनाज के सबसे अच्छे प्रोडक्ट्स हैं जई (oats), जौ (barley), मक्का (maize), भूरा चावल (brown rice), बाजरा (millet) और मोथी (buckwheat).

मस्सों को सिकोड़ने में मदद करती है विच हैज़ल (Witch Hazel)

विच हैज़ल में बंधनकारी और हीलिंग गुण होते हैं जो बवासीर के कारण होने वाली परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं। इसके बंधनकारी गुण सूजी हुई रक्त कोशिकाओं को सिकोड़ने में मदद करते हैं जिससे दर्द, खुजली और सूजन में राहत मिलती है।

  • रुई के टुकड़े को विच हैज़ल में भिगोकर मस्सो पर लगायें। ऐसा रोज दिन में तीन बार करें।
  • या फिर, आप मेडिकेटेड पैड्स खरीद सकते हैं जिनमें विच हैज़ल मौजूद होता है। आप इन पैड्स को टॉयलेट पेपर के कॉम्बिनेशन के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। गुदा में खुजली और सूक्ष्मजीवों से छुटकारा पाने के लिए यह सबसे बेस्ट तरीका है।

सेब का सिरका (एप्पल साइडर विनेगर)

सेब के सिरका में भी बंधनकारी गुण (astringent properties) होते हैं जो सूजी हुई रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ने में मदद करते हैं और सूजन और जलन में आराम प्रदान करते हैं। यह बाहरी और अंदर, दोनों प्रकार की बवासीर में फायदेमंद होता है। अच्छे रिजल्ट्स पाने के लिए बिना फिल्टर किये हुए और बिना जमाये हुई एप्पल साइडर विनेगर का ही इस्तेमाल करें।

  • बाहर की बवासीर होने पर, एक रुई के टुकड़े को सेब के सिरका से भिगोयें और मस्सों पर रख दें। शुरुआत में इससे थोड़ा चुभन का अनुभव हो सकता है, लेकिन बाद में आपको जलन और खुजली में काफी राहत मिलेगी।
  • अन्दर की बवासीर होने पर, एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर सेवन करें। इसका सेवन रोज दो बार करें। स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

ब्लैक टी बैग्स (Black Tea Bags)

ब्लैक टी में टैनिक एसिड होती है, जिसमें बंधनकारी गुण के कारण यह सूजन और दर्द को कम करने में मदद करती है।

  • एक ब्लैक टी के बैग को गर्म पानी में डिबोकर भिगो लें। पानी से निकालने के बाद इसे थोड़ा ठंडा होने दें और फिर हल्की गर्म अवस्था में ही सूजे हुए मस्सों पर 10 मिनट के लिए लगाये रखें। ऐसा दिन में दो-तीन बार करें।

पानी

बवासीर होने पर आप अपने पानी के सेवन की मात्रा को बढ़ा दें। रोज कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की कोशिश करें।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से इंटरनल सिस्टम साफ होता है और बॉडी हाइड्रेट रहती है। यह मल को भी नरम बनता है जिससे दबाव कम होता है।

बवासीर के मस्से का आयुर्वेदिक घरेलू इलाज (Ayurvedic Home Treatment of Piles in Hindi)

  • 2 लीटर छाछ में थोड़ी सी अजवाइन और जीरा मिलकर पी जाएँ, इसके नियमित सेवन से बवासीर धीरे धीरे ख़त्म हो जाती है।
  • गुड को जिमीकंद के साथ मिलकर नियमित सेवन करें। इसके सेवन से भी बवासीर पर नियंत्रण रखा जा सकता है।
  • मल, मूत्र और gas आने पर उसको ज्यादा समय तक पेट में रोककर न रखें। इससे भी बवासीर होता है।
  • आयुर्वेदिक के अनुसार तिल (sesame) के लड्डू को खाने से भी बवासीर ख़त्म होता है।
  • तरल खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करें जैसे सूप, नारियल पानी (coconut water), पानी, लस्सी, छाछ आदि। इनके अधिक सेवन से मल तरल हो जाता है और मल त्यागते समय तकलीफ नहीं होती।
  • दूध को उबालकर उसमे पके केले को मसलकर डाल दें और घोल तैयार कर लें। इसको दिन में 2 से 3 बार सेवन करें।
  • चुकंदर का रस (beetroot juice), पालक का रस (spinach juice) और गाजर का रस (carrot juice) को रोज पियें।
  • रोजाना बवासीर वाली जगह पर नीम का तेल लगायें, कभी फायदा होगा।
  • शलजम, मेथी, करेला, गाजर, प्याज और अदरक का नियमित सेवन करें।
  • लगातार 3 महीने तक रोज सुबह जामुन का सेवन करें, लाभ मिलेगा।
  • मूली के नियमित से भी बवासीर रोग ख़त्म होता है।
  • पुदीना, अदरक, निम्बू का रस और शहद को पानी में मिलकर रोज सेवन करें।

बवासीर से बचे रहने के उपाय (How to Get Away From Piles in Hindi)

  • आम, पपीता और अंगूर का नियमित सेवन करने से बवासीर नहीं होता।
  • तनाव (stress) से दूर रहें और हमेशा खुश रहें।
  • आलू और बैंगन का कम सेवन करें।
  • बर्गर, समोसा, पिज़्ज़ा, चाट-पकौड़े आदि फास्ट फूड्स का सेवन न करें।
  • तले भुने मसालेदार खाद्य पदार्थों से भी दूर रहें।
  • धुम्रपान, शराब आदि नशीले पदार्थों से दूर रहें।
  • जो लोग अधिक समय तक लगातार एक ही जगह पर बैठे रहते हैं उनको बवासीर होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए बीच-बीच में टहलें और हल्का व्यायाम करें।
  • कब्ज (constipation) को पैदा करने वाले किसी भी खाद्य पदार्थ से दूर रहें।
  • डॉक्टर्स के मुताबित अत्यधिक उपवास करने से भी बवासीर हो सकता है। उपवास के दौरान आलू की खिचड़ी का अधिक बवासीर का कारन बन सकता है। इसलिए उपवास कम करें और इसके दौरान बीच-बीच में juice, छाछ, सूप आदि का सेवन करते रहें।
  • रात को जल्दी सोयें और सुबह जल्दी उठें।

यदि आपकी बवासीर काफी लम्बे समय से है, उसमें अत्यधिक रक्त निकलता है और ऊपर दिए गए उपचारों को अपनाने के बाद भी फायदा नहीं हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर को संपर्क करें।

131 Responses

  1. मुस्कान शर्मा कहते हैं:

    सर मेरा नाम मुस्कान है, मुझे फ्रेश होने की जगह पर बहुत दर्द होता है और मल आने में भी बहुत तकलीफ होती है और कभी-कभी ब्लीडिंग भी होती है। प्लीज इलाज बताओ।

  2. niteshgavit कहते हैं:

    सर मेरा नाम नीतेश है दो चार दिन में मलद्वार करके सूजन और मस्से बाहर निकल आये हैं सर उपाय बताइये जड़ से खत्म करना का.

  3. अनाम कहते हैं:

    Sir mujhe mal tyagate samay thoda sa khoon aata hai or dard hota hai

  4. JAWED ALAM कहते हैं:

    मैं आज पाखाना करने गया तो मेरे मल द्वार से ब्लूग आया और थोड़ी जलन होती है. लेकिन मैं दूसरी बार पाखाना करने गया तो ब्लड नहीं आया. लेकिन मल द्वार पर थोड़ी जलन है. कहीं बवासीर तो नहीं है. प्लीज मुझे इसके बारे में बताएं.

  5. Rajnish कहते हैं:

    Sir mine kuch din phle nonveg khaya Tha usmi mirch ki matra bhut jyada thi. jiski wjh se mi jab pote gya to mujhi bhut jlan ho gye. mujhi 5 din se abhi Tak pote krne mi us area mi jalan ho rhi hi or pote krne ki baad bhi halki se dard jise bhi ho rhi hi….mujhi samjh mi nhi arha hi mujhi kon se problem ho gye hi….koi upchar btaye…urgent

  6. Abhiram yadav कहते हैं:

    Sir mere malduyar me toilet karne ke 2_4 ghanta tak le jalan deta hai or thoda thoda dard vi karta hai eska koi daba hai to batlai ye or uske siba mujhe or kuchh nahi hota hai

  7. वीपी सिंह कहते हैं:

    10 साल पहले मस्सो का ओपरेसान कराया । इस समय जब भी कब्ज या खुसकी होती हे मलत्याग के लिए ज़ोर लगाने पर ड्राइ लेट्रीन के कारण स्किन फट जाती हे फिर ब्लड आता हे दर्द खुजली नहीं होती कभी कभी सूजन हो जाती है । फिर अपने आप सिर्फ oinment लगाने से ही एक दो दिन में सही हो जाती है । स्थायी समाधान बताएं

  8. Pulloo कहते हैं:

    सर टॉयलेट कभी-कभी दो दिन में एक बार जाना होता है. टॉयलेट के बाद ब्लड तो नहीं आता लेकिन दर्द और जलन जैसा लगता है. कभी-कभी देर तक रहता है.

  9. रजत कहते हैं:

    सर मेरा नाम रजत कुमार है, मैं एक स्टूडेंट हूँ. मेरी उम्र 22 साल है. जब मैं लेटरिन जाता हूँ तो कभी-कभी ब्लड आता है. मुझे क्या करना चाहिए और क्या यह बीमारी है. जल्दी बताएं कृपा करके.

    • सैयद कहते हैं:

      मेरा नाम सैयद है, मुझे दो तीन दिन बाद टॉयलेट होती है और जब होती है तो बहुत दर्द होता है. कभी-कभी खून भी आता है. मेरी उम्र 19 साल है.

  10. दीपिका कहते हैं:

    मेरी माताजी 60 साल की हैं, आयुर्वेद दावा ले रही हैं. उनकी लेटरिन की जगह में फोड़ा जैसा है और अन्दर भी फोड़ा है है. डॉक्टर बवासीर रोग बता रहे हैं, क्या यह वाकई बवासीर रोग है या और रोग है प्लीज रिप्लाई कीजिये.

  11. रियाज मियां कहते हैं:

    मेरा पेट हल्का दर्द होता है और लेटरिन करते समय ब्लड आता है और गुदे में फुंसी जैसी हो गई है, कोई उपचार बताएं.

  12. सम्राट कहते हैं:

    सर मेरी लेटरिन की जगह पर गीला सा महसूस होता है और देखने पर कुछ नहीं रहता, प्लीज मेरी प्रॉब्लम सोल्व करो.

  13. गोपाल कहते हैं:

    लेटरिन करते टाइम मल से ब्लड निकलता है, बहुत जलन भी होती है. कहीं बैठ भी नहीं सकता क्यूंकि बैठने पर दर्द होता है. मीठी वाली खुजली भी चलती है. इसका ऑपरेशन होगा है कोई दवाई से इसका इलाज हो सकता है.

  14. संजय कहते हैं:

    सर मेरी एक दोस्त है, उनको बवासीर हो गया है उनको बहुत तकलीफ है बहुत कमजोर भी हो गई हैं. दरअसल पिछले 10 दिनों से नवरात्र के कारण तबियत और भी ख़राब हो गई है. मल के रास्ते ब्लड बी निकाल रहा है और जलन भी होती है और शाम को नॉन-वेज खा ली जिससे और प्रॉब्लम बढ़ गई है. प्लीज हेल्प करें.

  15. नरेन्द्र नाथ कहते हैं:

    सर मुझे आज टॉयलेट करते समय तेज जलन हुआ और ब्लड निकला कोई उपाय बताएं.

  16. sunil Badhwaan कहते हैं:

    Main long drive taxi driver Hun isliye mujhe Kai Dino tak kabz rehti hai koi saral upaay batayen plz.

  17. Tarun कहते हैं:

    मेरे भी लेटरिन करने पर दर्द होता है, इसका कोई इलाज बताओ.

  18. बुद्धिमान यादव कहते हैं:

    सर मै बाथरूम जाता हूं तो मुझे लेटरिन नहीं उतरती और सर एकदम गुदा मे हर समय दर्द सा बना रहता है प्लीज सर इसका कुछ सही उपचार बताया जाय ।

  19. अनिल कुमार कहते हैं:

    मुझे एक महीने से कब्ज हो रहा है. मैं इससे काफी परेशान रहता हूँ. प्लीज कुछ इलाज बताएं.

  20. Randheer Singh कहते हैं:

    Piles ka granted treatment hai

  21. Yogesh Nishad कहते हैं:

    सर मेरे गुदा में थोडा मस्सा टाइप का हो गया है लगभग 25 दिन हो गया है आराम नही आ रहा है डॉक्टर के पास गया था तो बवासीर बताया है और टेबलेट भी दिया है bk अर्षहर और bk सहजना का फिर भी आराम नही हो रहा है कोई अच्छे से दवाई बताओ सर मैं बहुत तकलीफ में हूँ pls सर

  22. नेहल अहमद कहते हैं:

    सर मेरा नाम नेहल अहमद है. मैं जब लेटरिन करता हूँ तो मुझे बहुत दर्द होता है और एक मस्से सा हिस्सा बाहर आ जाता है. लेटरिन करने में मुझे बहुत परेशानी होती है, मगर ब्लड नहीं आता है. सर यह कौनसा बीमारी है, बवासीर है या और कुछ. सर प्लीज इसका इलाज बताएं यह कैसे ठीक होगा, दवा या ऑपरेशन.

  23. सागर वर्मा कहते हैं:

    मेरा नाम सागर है, मुझे कुछ दिनों से गुदा के पास दाने निकल रहे हैं, मीठा सा दर्द होता है और खुजली बहुत होती है. मैं परेशान हूँ मुझे क्या करना चाहिए हेल्प मी सर.

  24. तेज कुमार शाह कहते हैं:

    मेरा नाम तेज कुमार शाह है, मेरी उम्र 21 साल है. मुझे लगभग 10 दिन से दर्द हो रहा है मल करते समय और ब्लड नहीं जाता है. क्या यह बवासीर के लक्षण हैं, इनका कोई उपचार है, अगर हैं तो बताएं जरूर, क्यूंकि मैं एक स्टूडेंट हूँ.

  25. बंटी कहते हैं:

    सर नेरे गुदा की जगह पर एक मस्सा उभर आया है और वो बहुत ही तकलीफ देता है. लेटरिन के टाइम कभी-कभी खून भी आता है.

  26. अभिषेक कहते हैं:

    सर आज पहली बार मेरे मल के साथ खून आया है, मैं क्या करूँ?

  27. गुलाब कहते हैं:

    सर मेरी गुदा के रास्ते में मस्से हैं उनमें दर्द नहीं हो रहा पर जब मैं लॉन्ग ड्राइव करता हूँ तब जलन और दर्द होता है बाकि कोई प्रॉब्लम नहीं क्या यह बवासीर है क्या?

  28. अरविन्द कहते हैं:

    मुझे बवासीर का मस्सा है जो कभी भी हो जाता है और कभी भी ठीक हो जाता है क्या करूँ.

  29. अंकुश कुमार कहते हैं:

    हमको खूनी बवासीर हुआ है, उम्र 18 साल.

  30. अमित कहते हैं:

    सर मुझे बाहर से दर्द होता है, कोई दवा हो तो बताये.

  31. जितेंद्र कुमार कहते हैं:

    लैटरीन करते समय मेरे गुदा में काफी तेज जलन होती है और ब्लड भी निकलता है.

  32. रविन्द्र कुमार कहते हैं:

    मेरे अंदर खुजली होता है दो दिन से, ब्लड भी आ रहा है.

  33. कपिल कहते हैं:

    मेरे मल में अभी खून आना चालू हुआ है, क्या मुझे बवासीर है.

  34. आयूष कहते हैं:

    मैं आज लैटरीन करने गया तो खून नहीं निकला न ही मस्सा है मगर बैठता हूँ तो गुदा में हल्का दर्द होता है.

  35. राजाराम कहते हैं:

    मुझे मस्सा और खून वाली बवासीर है.

  36. विजय कहते हैं:

    लेटरिन में कभी-कभी खून आने का क्या कारण है?

  37. रमेश कुमार कहते हैं:

    सर मुझे भी मल त्यागने में कठिनाई होती हैऔर ब्लड भी बाहर आता है लेकिन मस्से नहीं है. मैं क्या करूँ कोई तुरंत इलाज बताएं प्लीज.

  38. मंजीत कुमार कहते हैं:

    मुझे लिवर में दर्द होता है और एक बार खून भी आया है और हमेशा दर्द होता है तो क्या मुझे बवासीर हुआ है.

  39. अनिरुद्ध यादव कहते हैं:

    मेरा नाम अनिरुद्ध यादव है. जब मैं फ्रेश होता हूँ तो ब्लड आता है, बिना किसी दर्द के. यह लगातार 2 दिन से हो रहा है.

  40. रितु कहते हैं:

    मुझे लेटरिन करते समय बहुत दर्द होता है, ठीक से बैठा नहीं जाता है, बताओ मैं क्या करूँ?

  41. सुनील कुमार कहते हैं:

    बवासीर खत्म हो सकता है या नहीं. अगर इसका का इलाज करा लिया जाये तो या दोबारा तो नहीं होता है.

    • रमाकांत कहते हैं:

      बिलकुल हो सकता है। परंतु अपनी जीवनशैली में बदलाव लाइये। अगर कब्ज़ नहीं होगी तो ये अपने आप ठीक हो जाएंगे। परहेज़ इलाज से बेहतर है।

    • साहिल कहते हैं:

      लेटरिन के वक्त कभी-कभी खून निकलता है.

    • आकाश कहते हैं:

      सर मेरे गुदा द्वार में एक मस्सा जैसा तो है लेकिन न उसमें खुजली होती है और न ही ब्लड आता है मुझे समझ नहीं आ रहा है कि यह क्या है आप मेरी कोई हेल्प कर सकते हैं क्या?

    • सलीम कहते हैं:

      गुड आपको जानकारी मिली कि नहीं

    • निरंजन कुमार साहनी कहते हैं:

      मेरा नाम निरंजन कुमार है, जी मेरा लेटरिन करते टाइम ब्लड आता है. बाकि सब नार्मल है जी. और 2-4 दिनों से तो केवल ब्लड ही आ रहा है, उसके आटोमेटिक सही हो जाता है.

  42. शाहनवाज़ कहते हैं:

    सर मेरे बेटे के मल की जगह बेहद तकलीफ होती है अभी वो 5 साल का है मगर मस्से नहीं है क्या पाइल्स हे या और कुछ

  43. दर्शन साहनी कहते हैं:

    सर नमस्कार मेरा बीटा 30 साल का है वो विदेश में रहता है. पिछले साल बेटे को हल्की पाइल्स की प्रॉब्लम थी अब नहीं लेकिन आजकल उसको लेटरिन करते समय ब्लड आता है. न तो उसे कोई कब्ज है और न ही हिप्स में दर्द, फिर ब्लड क्यूँ आता है.

  44. मनमोहन कहते हैं:

    मेरा पेट साफ नहीं होता और लेटरिन अधूरी होती है मैं क्या करूँ

  45. संजू कहते हैं:

    सर मुझे 10-12 साल से लेटरिन में मस्से बाहर आते हैं और जलन के साथ ही खून भी आता है, इसका इलाज क्या है और मुझे क्या करना चाहिए कोई ट्रीटमेंट है तो बताएं.

  46. अरविन्द कहते हैं:

    हम जब लैटिरिग करते है तो उसके अंदर से मांस निकलता है उसी से थोडा खून भी आता है और हमको कभी दर्द नहीं होता है उस जगह पर इसका दवा बताएं.

  47. संजय कहते हैं:

    मेरा नाम संजय है, मेरे गुदा में कभी-कभी मीठी खुजली होती है. लेटरिन करते समय ब्लड नहीं आता तो यह कौन सी बीमारी है.

  48. मोहित कहते हैं:

    सर मुझे बाहर से दर्द होता है, कोई दवा हो तो बताये.

  49. प्रशांत कुमार कहते हैं:

    हाय सर,
    मेरा नाम प्रशान्त है। मैं 22 साल का हूँ।
    मैं एक विद्यार्थी हूँ।
    सर मैं जब मल करता हूँ तो एक नुकीला सा काँटे की तरह चुभता हैं और दर्द भी करता हैं। और उसके बाद मल के साथ में खून भी निकलता हैं। औंर उसके बाद जब मैं मल द्वार धोता हूँ तो वहाँ पर एक दाना (गुदा) सा हैं।
    सर अब बताईये की मैं क्या करूँ?? इसका क्या इलाज हैं??
    सर कोई अच्छा दवा बताईये प्लीज़।
    सर इसका इलाज दवा हैं या ऑपरेशन??
    अगर दवा हैं तो कौन सा दवा हैं? और अगर ऑपरेशन करना हैं तो कब , कैसे और कहाँ कराना है?
    प्लीज़ सर जल्दी और जरूर बताईये।
    मैं आपका सदा आभारी रहूँगा।
    धन्यबाद।

    आपका विश्वासी
    प्रशान्त कुमार

    • विकास कुमार सिंह कहते हैं:

      सर मेरा नाम विकाश कुमार है, उम्र​ 30 वर्ष है, एक हफ्ते से मेरे गुदा में खुजली हो रही है टॉयलेट करते समय कोई भी परेशानी नहीं हो रही है लेकिन हर समय खुजली हो रही है मैंने इसके लिए कीड़े की दवाई भी खाई है और मलहम भी लगाया है लेकिन अभी भी ठीक नहीं हो रहा है मुझे इसका इलाज बताएं मैं आपका आभारी रहूंगा.

    • राकेश कहते हैं:

      भाई same लक्षण मेरा भी है अगर आपको दवाई मिला हो तो मुझे भी बताइये.

    • देवी सिंह कहते हैं:

      जॉली वसीर टेबलेट और जेल का यूज़ किया करो.

    • अनाम कहते हैं:

      भाई यह बवासीर होने के लक्षण हैं.

    • रूपिंदर सिंह कहते हैं:

      एलोवेरा खाओ बरो डेली।

    • वसीम राजा कहते हैं:

      एक पाव मेथी दाना और एक पाव छोटी इलाइची दोनों को बारीक़ पीस ले और किसी शीशी में रख ले, रोज़ सुबह शाम एक चम्मच ले, 2 हफ्तों में आपकी बीमारी जड़ से खत्म हो जायेगी

  50. राजू साहू कहते हैं:

    मेरे गुदा द्वार पर मस्से जैसा कुछ लटका हुआ है, लेटरिन करते वक्त कभी-कभी रेड ब्लड निकलता है. अब क्या करूँ?

  51. विजय कहते हैं:

    सर मुझे शौच की जगह पर सूजन आई है. 4-5 दिनों से उठते-बैठते दर्द हो रहा है. ब्लीडिंग नहीं होती और न ही मस्से हैं. क्या यह पाइल्स है या फिर कोई इन्फेक्शन है?

    • अंकित कुमार कहते हैं:

      इन्फेक्शन है.

    • विजय नं. 1 कहते हैं:

      सर यही प्रावलम मुझे भी है 4-5 दिन से मलद्वार के पास बाहर की ओर गॉठ है बहोत दर्द है क्या ये पाइल्स है ब्लीडिग या खुजली नही होती है मुझे तो ये कौन सा रोग हो सकता है और मेरा पेट भी साफ नही रहता

  52. रोसन कहते हैं:

    मेरे गुदा के पास एक हल्की फुंसी है जो दर्द कर रही है. पता नहीं कि वो क्या है.

  53. विजय कहते हैं:

    मुझे बस सुबह फ्रेश होने के बाद गुदा में बहुत तेज दर्द होता है और बैठा भी नहीं जाता, वो 2-3 घंटे में ठीक हो जाता है. इसका कोई इलाज बताओ.

  54. रितु कहते हैं:

    सर मुझे बालतोड़ तो आता है पर दर्द नहीं होता, मुझे क्या प्रॉब्लम है.

  55. मंजीत कहते हैं:

    सर मुझे गुदा में फोड़ा हुआ है तो क्या यह बवासीर है या सिर्फ फोड़ा है?

  56. अरुन कहते हैं:

    सर मल के साथ ब्लड आता है और खुजली भी होती है.

  57. अरुन कहते हैं:

    मेरे मल के साथ ब्लड आता है और गुदा में खुजली भी होती है क्या करूँ?

  58. अभिषेक कहते हैं:

    सर मेरे गुदा में से कीड़े भी निकलते हैं सफ़ेद कलर के तो मैं क्या करूं.

  59. नीतेश कहते हैं:

    सर मेरे मलद्वार में मस्से हैं वो कैसे ठीक होंगे?

  60. सुनील राणा कहते हैं:

    सरजी मेरे गुदा के पास से पानी निकलता रहता है जो बदबूदार है। मुझे ज्यादा दिक्कत है, वहीँ पर खुजली भी होती है। मैं स्टूडेंट हूँ और 21 साल का हूँ। पहले मुझे बवासीर का मस्सा था जो अब ठीक हो गया है।

  61. विकास कुमार कहते हैं:

    मुझे कभी-कभी लेटरिन में ब्लड आता है और गुदा के एक तरफ रेड हो गया है।

  62. रविन्द्र कुमार कहते हैं:

    सर मै पैखाना करता हूँ तो जैसे ओठ फटता है उशी प्रकार से फटा दिखता है और दर्द भी करता कोई उपाय बताए

  63. रामलाल यादव कहते हैं:

    सर मेरे गुदा द्वार मे खुजली होती है इसका कोई उपाय बताया जाय।

  64. इमरान कहते हैं:

    सर मुझे कोई ज्यादा दिक्कत तो नही पर जब मैं पाखाना करने जाता हूं तो गुच्छा सा निकलता है ये क्या और उसमें माशा सा दो तीन मासा हो गया है और मुझे लगता है मुझे गिला पन सा लगता है सर मुझे कोई ईलाज बताएं सर प्लीज् सर

  65. राजेश कहते हैं:

    सर मेरे गुदा में बहुत खुजली होती रहती है, मुझे यह खुजली पिछले एक महीने से हो रही है.

  66. अजय कहते हैं:

    चिकनगुनिया बीमारी के समय मेरी पोट्टी सुखजाने के कारण मेरी गुदा में हल्की स्क्रेच लग गई और तभी से दर्द रहता है कई दवाई इस्तेमाल की लेकिन आराम नही है

  67. ध्रुव कहते हैं:

    गुदा के अन्दर साइड में मस्से हैं जो सूज गए हैं, इससे कोई दिक्कत तो नहीं हैं? कोई उपाय बताएं.

  68. पंकज कुमार कहते हैं:

    सर तीन दिन से मुझे मल त्यागते वक्त गुदा में तेज दर्द हो रहा है, गैस भी बन रही है. दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा, ये कैसे ठीक होगा.

  69. वीरेंद्र कुमार कहते हैं:

    सर मेरे बाहरी भाग में लेटरिन की जगह कभी-कभी खुजली होती है.

  70. Rutvik कहते हैं:

    सर मुझे latrine जाते वक्त थोड़ा blood निकलता हैं लेकिन दर्द बिलकुल भी नहीं होता तो मुझे कया बिमारी होगी

  71. महिरा खान कहते हैं:

    सर मेरा नाम माहिर है, 2 दिन में एक बार लेटरिन के लिए जाती हूँ और लेटरिन करते समय रोना आता है और लेटरिन की जगह सूज जाती है, इसका क्या कारण है, उम्र 30 साल.

  72. चंदर कहते हैं:

    मलद्वार में बहुत खुजली होती है इसका मतलब क्या है जान सकता हूँ?

  73. रंजन कुमार कहते हैं:

    सर जब मैं पाखाना करता हूँ तो गुदा के रस्ते से एक गुच्छा सा निकलता है. जब उसको छूता हूँ तो दर्द नहीं करता है. वो क्या है सर?

  74. केशव तिवारी कहते हैं:

    सर,
    हमें बवासीर हुआ था, हमने दवा लिया मगर 15 दिन के बाद फिर से वही समस्या. काफी तकलीफ हो रही है और पेट में गैस भी बन रही है हम क्या करें?
    दवा जो हमने लिया था वो होम्योपैथी का था अभी उसका गोली प्रयोग कर रहा हूँ मगर फायदा नहीं हो रहा है.
    हमें ऑफिस का काम करने के कारण एक ही जगह पर ज्यादा समय तक बैठना पढ़ता है.

  75. प्रिया कहते हैं:

    सर मुझे 10 दिन से टॉयलेट होने के बाद जलन होती है तो मुझे क्या हो सकता है?

  76. सुहास कहते हैं:

    कैसे जाने की पाइल्स ही हुआ है

  77. राहुल राय कहते हैं:

    सर मुझे पोट्टी के दौरान ब्लड के साथ मांस भी कट के आता है उपाय बताएं.

  78. रशीद अनवर कहते हैं:

    आपको बवासीर है आप दही और गन्ने का जूस खूब खाएं और पियें, बवासीर ठीक हो जायेगा.

  79. इमरान खान कहते हैं:

    सर मेरा नाम इमरान खान है, मैं जानना चाह हूँ कि piles होने पर चक्कर आते हैं क्या?

  80. नाजिया कहते हैं:

    सर मुझे पोट्टी करते हुए बहुत दर्द होता है और मिर्च भी लगती है, मस्से तो नहीं हैं प्लीज कुछ बताएं.

  81. गौरव कहते हैं:

    सर, आज मैने गाजर का जूस पिया था तो Latring लाल लाल आ रही थी….. तो please सर आप मुझे बताओ की इसकी क्या वजह हो सकती है

  82. आयशा कहते हैं:

    सर मेरे गुदा के पास गोश्त सा निकला हुआ है जो 5 साल से है, इसमें कभी दर्द नहीं हुआ न ब्लड आया, छूने पर भी दर्द नहीं होता. यह क्या है मुझे आप बता सकते हैं.

  83. रोहित कहते हैं:

    सर मुझे ब्लड तो आ रहा है लेकिन दर्द नहीं होता तो इसका इलाज क्या है और मुझे क्या प्रॉब्लम है?

    • mohsin कहते हैं:

      सर मेरी अम्मी के लेटरिन की जगह खता हो गया है, जब वो टॉयलेट जाती हैं तो बहुत ज्यादा दर्द होता है. क्या वजह है सर?

  84. इरफान कहते हैं:

    सर मेरे लेटरिन की जगह की साइज कम हो गई है इससे लेटरिन करने में तकलीफ होती है. प्लीज कुछ बतायो जिससे जगह खुल जाये.

  85. कमल कहते हैं:

    सर मेरे गुदा के आसपास जोर-जोर से खुजली होती है, मैं समझ नहीं पा रहा हूँ मुझे क्या हुआ है?

  86. सुमित कहते हैं:

    सर piles किस उम्र में होता है, मुझे भी इसके लक्षण नजर आ रहे हैं और मेरी उम्र 25 साल है.

    • लेखक कहते हैं:

      Piles की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। यह अपने खानपान और जीवनशैली पर निर्भर करता है। इसलिए सबसे पहले डॉक्टर के पास जाकर अपनी जाँच कराएँ और उसके बाद उचित उपचार लेने के साथ-साथ अपने खानपान और जीवनशैली को ठीक करें। ऊपर दिए गए खाद्य पदार्थों को बताये गए अनुसार नियमित सेवन करें।

    • अनाम कहते हैं:

      आपको बवासीर है ।

  87. मयंक अग्रवाल कहते हैं:

    सर मेरी पाचन क्रिया एक साल से ख़राब है, मुझे दूध बिलकुल शूट नहीं करता.

  88. संगीता कुशवाहा कहते हैं:

    मैं 35 साल की हूँ, मुझे बवासीर है. मेरे को कोई नुकीला सा चीज बहुत चुभता है और बहुत ज्यादा दर्द होता है जिससे मैं रात को सो नहीं पाती हूँ.

  89. कुमार कहते हैं:

    सर मैं जब लेटरिन के बाद मल द्वार धोता हूँ तो वहां पर एक दाना सा प्रतीत होता है और दो तीन दिन से उसमें से खून भी निकल रहा है.

    • राम कहते हैं:

      सर मैंने बबासीर का ऑपरेशन करवाया है, लेकिन अब भी दर्द रहता है, गैस बनती है और बॉटम में पसीना आता है. मेरे गुप्तांगों में खुजली होती है, सूजन भी है. खुजाने से लाल-लाल दाने हो जाते हैं. क्या यह बबासीर है या कोई और बीमारी है. ऑपरेशन से क्या कैंसर हो सकता है, यह भी जरूर बताएं.

  90. रॉकी कहते हैं:

    दो दिन से लेटरिन करते समय ब्लड आ रहा है. क्या मुझे बवासीर है?

    • दिनेश कहते हैं:

      सर जब मैं लेटरिन करता हूँ तो बहुत खून आता है और 2-घंटे बहुत जोर से दर्द होता है सर आप कुछ उपाय बताइए.

  91. Naveen Kumar कहते हैं:

    Sir आज जब मैं letrine को गया तो मेरे गुदा से blood निकला
    क्या आप बताएँगे कि क्या मुझे babasir है
    या और कोई परेशानी है

  92. सद्दाम कहते हैं:

    फेस गोरा करने का तरीका क्या है?

  93. मुन्ना कुमार कहते हैं:

    सर मैं जब तेजी से लैट्रिन करता हूँ तो उसके रास्ते खून आना शुरू हो जाता है।

    • मोहम्मद खान कहते हैं:

      आप कोई मसालेदार चीज न खाएं न कोई सूखी चीज और न ही कोई होटल की चीजें खाएं.

    • सोनू कहते हैं:

      मेरा नाम सोनू है, दो या तीन दिन में मेरे मल द्वार में सूजन और मस्से बाहर निकल आते हैं और त्यागते समय ब्लड निकलता है. खुजली या दर्द नहीं होता.

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