बवासीर के मस्से जल्दी ठीक करने के 10 अचूक इलाज

ज्यादातर लोगों को लगता है कि गुदा में होने वाले मस्से असामान्य होते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि हर व्यक्ति को गुदा में मस्से होते हैं। वास्तव में यह ब्लड वेसल्स (रक्त वहिकायों) के उभरे हुए झुंड होते हैं जिनका काम मल त्याग को नियंत्रित करना होता है।

लेकिन ज्यादातर लोगों को इनके बारे में तब पता चलता है जब यह बड़े हो जाते हैं और परेशानी पैदा करने लगते हैं। जब यह मस्से अपनी प्राकृतिक अवस्था से ज्यादा बड़े हो जाते हैं तो इस स्थिति को बवासीर कहते हैं।

इसकी और अधिक जानकारी हमने इस पोस्ट में दी है – बवासीर के लक्षण और उपचार

सूची

बवासीर को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है – आन्तरिक बवासीर जिसमें मस्से मलाशय से निकलते हैं और बाहरी बवासीर जिसमें मस्से गुदा में निकलते हैं।

बवासीर के मस्से किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकते हैं, लेकिन यह ज्यादातर वयस्क और बूढ़े लोगों को होते हैं। यह महिला और पुरुष दोनों को सकते हैं।

बवासीर के मस्से होने के कारण

बवासीर के मस्से ब्लड वेसेल्स में लगातार हाई प्रेशर के कारण होते हैं। किसी एक जगह लम्बे समय तक खड़े या बैठे रहने से ब्लड वेसल्स में प्रेशर बढ़ सकता है

इसके अन्य कारण हैं

  • प्रेगनेंसी (गर्भावस्था)
  • हार्मोनल चेंज (हॉर्मोन्स में बदलाव)
  • मोटापा (obesity)
  • कब्ज होना
  • मल त्याग करते समय जोर लगाना
  • अनियमित खानपान और अत्यधिक तले भुने तेलिय पदार्थों का सेवन
  • भारी वजन उठाना
  • परिवार में कई लोगों को बवासीर होने का इतिहास होने (जेनेटिक)

बवासीर के मस्से होने के लक्षण

बवासीर के मस्सों के सामान्य लक्षण निम्न हैं –

  • गुदा के आसपास कठोर गांठें बनना
  • ठीक से मल त्याग न होना
  • मल त्याग के बाद रक्त या म्यूकस निकलना
  • शौच करते समय दर्द होना
  • गुदा के आसपास लालिमा, दर्द और खुजली होना

ज्यादातर मामलों में बवासीर के मस्से थोड़े समय के लिए होते हैं और बिना किसी उपचार के अपनेआप ठीक हो जात्ते हैं। हालाँकि, अपनी जीवन शैली में बदलाव लाकर और कुछ आसान घरेलू उपचारों को अपनाकर इनसे जल्दी छुटकारा पा सकते हैं।

बवासीर के मस्से जल्दी ठीक करने के 10 आसान घरेलू उपाय

मस्सों की सूजन दूर करने के लिए सेब के सिरका का इस्तेमाल करें (Apple Cider Vinegar)

सेब के सिरका में बंधनकारी गुण (astringent properties) होते हैं जो सूजी हुई ब्लड वेसल्स को सिकोड़ते हैं और सूजन और जलन में राहत प्रदान करते हैं। बवासीर के मस्सों के कारण होने वाली समस्यायों के इलाज में सेब के सिरका को सबसे कारगर घरेलू उपचार माना जाता है। इसको आंतरिक और बाहरी बवासीर, दोनों के इलाज में इस्तेमाल किया जा सकता है।

हमेशा काछे, प्राकृतिक और बिना फिल्टर किये हुए सेब के सिरका का ही इस्तेमाल करें।

  • सेब के सिरका में समान मात्रा में पानी मिला लें। अब इसमें एक रुई के टुकड़े को भिगो लें और मस्सों पर धीरे से लगायें। जब यह सूख जाए तो इसपर नारियल का तेल या जैतून का तेल लगायें। इस उपचार को रोज एक बार करें।
  • या फिर, नहाने के पानी के टब में आधा कप सेब का सिरका डाल दें। अब मस्सों वाले एरिया को पानी में 10 से 20 मिनट के लिए डुबोकर रखें। इस उपचार को रोजाना दो बार करना चाहिए।
  • मस्सों को अंदर से ठीक करने के लिए रोज सुबह-शाम एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर सेवन करें।

मस्सों की रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ने के लिए Rutin दवा का सेवन करें

Rutin एक विटामिन सप्लीमेंट होता है जो बवासीर के मस्सों को सिकोड़ने में काफी मदद करता है। इसमें बायो फ्लेवोनॉयड (bioflavonoid) होता है जो मस्सों के आसपास की रक्त वाहिकाओं को सिकोड़कर छोटा करने में मदद करता है।

  • Rutin सप्लीमेंट्स किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध होते हैं। आप रोज सुबह-शामएक-एक 450 से 500 mg Rutin के कैप्सूल का सेवन कर सकते हैं। कुछ दिनों में ही आपको फायदा नजर आने लगेगा।
  • आप Rutin युक्त खाद्य पदार्थों जैसे खट्टे फल, ब्लूबेरी, कुट्टू का आटा (buckwheat) और शतावरी का सेवन भी कर सकते हैं।

नोट – गर्भावस्था के दौरान rutin सप्लीमेंट का सेवन न करें

मस्सों की सूजन और दर्द को कम करने के लिए बर्फ का इस्तेमाल करें

बर्फ का ठंडा तापमान मस्सों की ब्लड वेसल्स को सिकोड़ने में मदद करेगा जिससे सूजन कम होगी। साथ ही, बर्फ त्वचा को सुन्न करने में मदद करता है जिससे दर्द का अहसास कम होगा।

  • एक पतली तौलिया में बर्फ के कुछ टुकड़े बाँध लें।
  • इसे 10 से 15 मिनट के लिए अपने पर रखें।
  • ऐसा दिन में तीन-चार करने से दर्द और सूजन में तुरंत राहत मिलेगी।

नोट – बर्फ को सीधे स्किन पर न लगायें।

सिट्ज़ बाथ की गर्माहट के जरिये मस्सों कि खुजली और जलन से राहत पायें (Sitz Bath)

सिट्ज़ बाथ एक बाथिंग तकनीक होती है जिसमें सिर्फ कूल्हों और नितंबों को गर्म पानी में डुबोकर रखा जाता है। इसकी नम गर्माहट मस्सों को शांत करती है और दर्द और खुजली में राहत प्रदान करती है। यह मस्सों को सिकोड़ने में भी मदद करती है जिससे बवासीर को जड़ से ठीक करने में मदद मिलती है।

  • बाथटब को गर्म पानी से आधा भर लें। प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए इसमें 3-4 सेंधा नमक मिला दें। सेंधा नमक स्किन को शांत करता है और सूजन को कम करता है।
  • अब इस पानी में अपने कूल्हों को डुबोकर बैठ जायें।
  • 15 मिनट बाद उठ जायें और टॉवल से कूल्हों को साफ कर लें।

बवासीर के मस्सों से बचे रहने के लिए फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ करते हैं मदद

बवासीर होने से रोकने के लिए फाइबर युक्त पदार्थों का सेवन करें। यह मल को मुलायम बनाते हैं जिससे शौच के समय ज्यादा जोर नहीं लगाना पढ़ता। साथ ही, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ कब्ज को ठीक करने में भी मदद करते हैं। कब्ज के कारण बवासीर होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है।

2006 में अमेरिकन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार खूनी और बादी बवासीर से ग्रसित व्यक्तिओं को नियमित रूप से डाइटरी फाइबर देने से उनमें काफी हद तक फायदा देखा गया।

फाइबर कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है जैसे ताजे फल, सब्जियां, अनाज और दालें। साथ ही, अपनी डाइट में फाइबर बढ़ाने के लिए रोज 3 या 4 सूखे अंजीरों को रात को पानी में डुबोकर रखें और सुबह सेवन करें। इसके अलावा आप फाइबर के सप्लीमेंट्स का सेवन भी कर सकते हैं।

नोट – फाइबर का एकदम से अत्यधिक सेवन से गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसलिए इसका सेवन धीरे-धीरे बढ़ाएं।

बार-बार होने वाले मस्सों को रोकने के लिए तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें

अपने शरीर को भरपूर हाइड्रेटेड रखने से दृढ़ और बार-बार होने वाली बवासीर से बचा जा सकता है। इसको नियमित रूप से अपनी जीवनशैली बना लेने से बवासीर से बचाव और इलाज, दोनों हो सकता है।

नियमित पानी का सेवन करने से मल सॉफ्ट होता है और शौच ठीक से होती है, जिससे कब्ज और बवासीर के मस्से होने की सम्भावना काफी कम हो जाती है।

दिन में खूब पानी और अन्य पानी युक्त फ्रूट जूस का सेवन करें। आलूबुखारा का जूस, जो कि एक प्राकृतिक रेचक होता है, भी काफी फायदेमंद होता है।

लेकिन अत्यधिक कैफीनयुक्त और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन न करें, इनसे डिहाइड्रेशन हो सकता है।

मस्सों को हील करने में मदद करता है विच हैज़ल (Witch Hazel)

विच हैज़ल में astringent (कसने वाली) और हीलिंग प्रॉपर्टीज होती हैं जो बवासीर के कारण होने वाली परेशानियों जैसे दर्द, खुजली और सूजन को कम करने में मदद करती हैं।

2011 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मेसी एंड फार्मास्यूटिकल साइंसेज में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार विच हैज़ल में मौजूद फ्लावोनोइड्स और टैनिन मस्सों की ब्लड वेसल्स को सिकोड़ने और टाइट करने में मदद करते हैं।

  • एक कप पानी में एक चम्मच सूखी विच डालकर 15 मिनट के लिए गर्म करें। अब इसमें एक रुई के टुकड़े को भिगोयें और मस्सों पर लगायें। इस उपचार को कुछ दिनों के लिए रोज तीन-बार बार करें।
  • साथ ही, आप विच हैज़ल के पैड्स भी खरीद सकते हैं और उन्हें शौच के बार उपयोग कर सकते हैं।

काली मिर्च (Black Pepper)

आपको यह जानकर अजीब लगेगा, लेकिन यह सच है कि काली मिर्च भी बवासीर के मस्सों को ठीक करने में मदद करती है।

काली मिर्च में पीड़ा हरने वाले (analgesic) और एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण होते हैं जो बवासीर के लक्षणों को कम करते हैं और क्विक रिलीफ प्रदान करते हैं। यह खूनी और बादी बवासीर में भी फायदेमंद होती है।

रोज सुबह-शाम खाली पेट 5 या 6 काली मिर्च का सेवन करें। ऐसा रोज करें जब तक कि आपके मस्से पूरी तरह से ठीक न हो जायें।

नोट – यदि काली मिर्च के सेवन से पाचन में गड़बड़ी हो रही है और पेट में जलन होती है तो इसका सेवन न करें। साथ ही, काली मिर्च का लगातार लम्बे समय तक सेवन न करें।

नारियल का तेल (Coconut Oil)

नारियल के तेल में एंटी-इन्फ्लामेट्री और हीलिंग प्रॉपर्टीज होती हैं जो आन्तरिक और बाहरी दोनों बवासीर में फायदेमंद होती हैं।

यह तेल दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है। साथ ही, यह मस्सों की सूजी हुई ब्लड वेसल्स को को भी सिकोड़ने में मदद करता है, जिससे हीलिंग प्रोसेस तेज हो जाती है।

  • रोज 1 से 2 चम्मच शुद्ध नारियल के तेल का सेवन करें।
  • साथ ही, अपनी बाथरूम में एक डिब्बी नारियल के तेल की रख दें और रोज शौच के बाद इसे अपने मस्सों पर लगायें।

बवासीर से बचने के लिए अपनी बाथरूम की आदतों को सुधारें

बवासीर के मस्सों को रोकने और ठीक करने के आपको अपनी साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा और अपनी बाथरूम की आदतों को सुधारना होगा। सबसे जरूरी बात, अपने गुदा को जितना हो सके उतना साफ रखने कि कोशिश करें।

  • रोज स्नान करें और अपने गुदा को बिना साबुन के साफ करें। साबुन लगाने से गुदा की स्किन में जलन हो सकती है। साथ ही, परफ्यूम और अल्कोहल का अत्यधिक इस्तेमाल न करें।
  •  रोज शौच करने के बाद अपने गुदा को गर्म पानी से अच्छे से साफ करें। इसके बाद गुदा को कपड़े से साफ करके नारियल का तेल लगायें।
  • शौच करते समय टॉयलेट सीट पर अधिक डेक तक न बैठें। यदि आपको काफी देर तक शौच नहीं आती तो ज्यादा इन्तेजार न करें और ज्यादा जोर न लगायें।
  • जब आपको शौच लगे तो तभी टॉयलेट जायें, इसे टालने की कोशिश न करें।

बवासीर का इलाज करने के अतिरिक उपाय

  • रोज 3-4 बार अपने मस्सों पर ताजा एलोवेरा जेल लगायें। इससे बेचैनी में कमी आयेगी और इन्फ्लामेशन कम होगा।
  • अपनी शौच को आसान बनाने के लिए आप स्टूल सॉफ़्नर टेबलेट्स भी ले सकते हैं। अपने लिए उचित टेबलेट्स जानने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • दृढ़ और बार-बार होने वाली बवासीर में अपने डॉक्टर से रबर बैंड लाईगेशन ट्रीटमेंट करवाएं। इस उपचार में डॉक्टर मस्सों के की जड़ में कसकर रबड़ बैंड लगा देते हैं। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में मस्से सूखकर अलग हो जाते हैं।
  • अच्छी और पूरी नींद लें। रात को जल्दी सोयें और सुबह जल्दी उठें। रोज सुबह एक्सरसाइज और व्यायाम करें और शुद्ध हवा में टहलें।
  • तनाव और डिप्रेशन से दूर रहें।
  • अधिक देर तक एक ही जगह पर खड़े या बैठे न रहें। यदि आपके काम के कारण आपको एक ही जगह पर लम्बे समय खड़े या बैठे रहना पड़ता है, तो हर घंटे 5 मिनट के लिए आसपास टहलें।
  • सिर्फ कॉटन अंडरवियर ही पहनें और आपकी अंडरवियर थोड़ी ढीली होनी चाहिए जिससे कुछ भी मस्सों पर रगड़े नहीं। साथ ही, इससे गुदा में पर्याप्त मात्रा में हवा का आदान प्रदान होता है जिससे पसीना और नमी नहीं बनती।
  • गुदा में खुजली होने पर इस खरोचें नहीं, क्योंकि इससे स्किन डैमेज हो सकती है खुजली और जलन में और ज्यादा इजाफा हो सकता है।
  • किसी भी हार्ड जगह पर बैठने से बचें।
  • यदि आप मोटापा से ग्रसित हैं तो इसे कम करने के उपाय करें। मोटापा कम करने से बवासीर की सम्भावना कम होती है। मोटापा कम करने के लिए यह पोस्ट पढ़ें – मोटापा कम करने के घरेलू उपाय

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