डायबिटीज को कंट्रोल करने वाले 10 खाद्य पदार्थ – Diet to Control Diabetes

मधुमेह या डायबिटीज एक ऐसी बीमारी होती है जो हमारे शरीर के हर अंग खासतौर पर किडनी, आँखों और ह्रदय पर बुरा असर डालती है।

अपनी डाइट में थोड़े से बदलाव लाकर, आप मधुमेह से बचे रह सकते हैं और यदि आपको पहले से यह बीमारी है तो इसके दुष्प्रभावों को कम कर सकते हैं। यहां तक कि, एक्सपर्ट्स के अनुसार टाइप-2 डायबिटीज बनने का सबसे मुख्या कारण अनियमित खानपान (poor diet) होता है

यह भी पढ़ें – डायबिटीज के लक्षण और इलाज

अपनी डाइट में कुछ स्मार्ट बदलाव लाकर टाइप-2 डायबिटीज से बचा जा सकता है। कुछ खाद्य पदार्थों का उचित मात्रा में नियमित सेवन करने से रक्त में शुगर लेवल को स्थिर या कम किया जा सकता है, जिससे डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलती है

यहां तक कि, यदि आप पहले से डायबिटीज की मेडिसिन्स लेते हैं तो इन मेडिसिन्स को पूर्णतः कारगर बनाने के लिए आपको अपनी डाइट पर भी ध्यान देना जरूरी है।

यहां पर डायबिटीज को कंट्रोल करने वाले 10 बेस्ट खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं

1. दालचीनी (Cinnamon)

दालचीनी शरीर में ग्लूकोस मेटाबोलिज्म को बढ़ाती है और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती है। शोधों से यह पाता चला है कि डायबिटीज के मरीज यदि रोज डेढ़ चम्मच दालचीनी का सेवन करें तो उनके ब्लड का शुगर लेवल काफी तेजी से गिरता है और इन्सुलिन बढ़ता है।

अपनी डाइट में दालचीनी को शामिल करने के कई तरीके हैं। आप इसे अपनी कॉफ़ी, सुबह के नाश्ते या खाने की सब्जी में डालकर सेवन कर सकते हैं।

2. शकरकंद (Sweet Potato)

शकरकंद एक स्टार्च युक्त खाद्य पदार्थ होता है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट बीटा-कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। साथ ही, इसमें विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम और फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है। यह सभी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में काफी मदद करते हैं।

डायबिटीज के मरीज अपनी रेगुलर आलू की डाइट की जगह शकरकंद का इस्तेमाल करें। आप इसे भूनकर, उबालकर या सब्जी बनाकर सेवन कर सकते हैं। ध्यान रखें, शकरकंद को उसके छिलकों के साथ सेवन करें, क्यूंकि ज्यादातर पोषक पदार्थ इसके छिलकों में मौजूद होते हैं।

इसके अलावा, शकरकंद को सलाद के रूप में या सूप बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।

3. फलियां (Beans)

फलियों में अत्यधिक डाइटरी फाइबर होने के साथ-साथ प्रोटीन, मैग्नीशियम और पोटैशियम भी भरपूर मात्रा में होता है। यह सभी पोषक तत्व डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होते हैं। फलियां पाचन क्रिया को धीमा करती हैं और खाने के बाद ब्लड में शुगर लेवल को बढ़ने से रोकती हैं।

आप अपनी पसंद अनुसार कोई भी फली जैसे राजमा, सेम, सोया, चना आदि का सेवन कर सकते हैं। आप फलियों को अपनी डाइट में सब्जी, सलाद, सूप आदि के रूप में शामिल कर सकते हैं।

4. गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियां

गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियों में काफी कम मात्रा में कैलोरीज और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं। साथ ही, इनमें विटामिन C, अघुलनशील फाइबर, मैग्नीशियम और कैल्सियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह सभी पोषक तत्व डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी लाभकारी होते हैं। शोधों से यह पाता चला है कि नियमित गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से टाइप-2 डायबिटीज होने की सम्भावना कम होती है।

अपने रोज के खाने में गहरी हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, गोभी, भाजी, हरी सरसों के पत्ते आदि को शामिल करें।

5. बेरीज (Berries)

बेरीज में अत्यधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और फाइबर पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के साथ-साथ कैंसर और दिल की बीमारियों से भी बचाते हैं।

आप विभिन्न प्रकार की बेरीज जैसे स्ट्रॉबेरीज, क्रैनबेरी, ब्लैकबेरीज, ब्लूबेरीज आदि किसी का भी नियमित सेवन कर सकते हैं। आपको जब भी मीठा खाने का मन हो तो बेरीज का सेवन करें, ऐसा करने से ब्लड शुगर नहीं बढ़ेगा और आपका कुछ मीठा खाने का मन भी भर जायेगा।

6. मछली (फिश)

फिश में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स पाई जाती हैं। डायबिटीज के मरीजों को ओमेगा-3 फैटी एसिड्स काफी लाभकारी होती हैं। साथ ही, फिश में प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

हफ्ते में दो बार फिश खाने का नियम बनायें। ठंडे पानी वाली फिश जैसे सैल्मन, सार्डिन, हैलबट, हिलसा, mackerel (छोटी समुद्री मछली) और टूना फिश डायबिटीज के मरीजों के लिए ज्यादा फायदेमंद होती हैं।

आप फिश को सेंककर, भूनकर या पकाकर सेवन कर सकते हैं।

यदि आप फिश का सेवन नहीं करते तो फिश आयल सप्लीमेंट्स लें। इसके सही डोज जानने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

7. साबुत अनाज (Whole Grain)

साबुत अनाज में विविध प्रकार के पोषक तत्व जैसे मैग्नीशियम, क्रोमियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स और फोलेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए यह ब्लड के शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करता है।

साबुत अनाज में lignans और flavonoids नामक शक्तिशाली प्लांट केमिकल्स भी पाए जाते हैं जो हार्ट की कई गंभीर बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं।

अपने भोजन में साबुत अनाज को शामिल करें। सादा आटे की जगह साबुत अनाज के आते का इस्तेमाल करें।

8. नट्स (Nuts)

नट्स में हेल्थी फैट्स, विटामिन्स, फाइबर और कई सारे मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम और विटामिन E पाए जाते हैं जो ब्लड के शुगर लेवल को स्थिर करने में मदद करते हैं। साथ ही, नट्स इन्सुलिन रेसिस्टेंस को कम करते हैं और दिल की बीमारियों से लड़ते हैं।

जिन लोगों को डायबिटीज है या जो लोग टाइप-2 डायबिटीज से बचे रहना चाहते हैं, वो नट्स का नियमित सेवन करें। हर प्रकार के नट्स जैसे अखरोट, बादाम, मूंगफली आदि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मददगार होते हैं।

अच्छे रिजल्ट पाने के लिए नट्स को रात को पानी में डुबोकर रख दें और सुबह सेवन करें। ऐसा करने से इनके एंजाइम अवरोधक बेअसर हो जाते हैं और इनका पूर्ण लाभ मिलता है।

9. जैतून का तेल (Olive Oil)

जैतून के तेल में एंटीऑक्सीडेंट्स और मोनोसैचुरेटेड फैट्स होते हैं जो दिल की बीमारी होने की सम्भावना को कम करते हैं और इन्सुलिन रेसिस्टेंस को कम करके ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने में मदद करते हैं।

साथ ही, जैतून का तेल मोटापा कम करने में मदद करता है, इसलिए यह ज्यादा वजन वाले डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।

एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव आयल का ही इस्तेमाल करें, क्यूंकि यह कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें 30 से ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइन्फ्लामेट्री प्लांट कंपाउंड्स पाए जाते हैं। आप इस तेल से सब्जी बना सकते हैं या अपनी सलाद में डालकर सेवन कर सकते हैं।

10. दही (Yogurt)

दही प्रोटीन, विटामिन D और कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत होता है। कुछ शोधों से यह पाता चला है कि जो लोग कैल्शियम युक्त पदार्थों का ज्यादा सेवन करते हैं, वो आसानी से अपना वजन कंट्रोल कर लेते हैं और उनमें इन्सुलिन रेसिस्टेंस होने की सम्भावना काफी कम होती है।

दही हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। नॉनफैट सादा दही का सेवन ज्यादा करें और इसे ज्यों का त्यों ही इस्तेमाल करें। शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए आप अपने भोजन में लो फैट दूध को भी शामिल कर सकते हैं।

यदि आप से बचे रहना चाहते हैं या आपको पहले से डायबिटीज है तो ऊपर दिए गए 10 खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें। साथ ही, नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग करें, अपने शरीर के वजन को कंट्रोल में रखें और अपने खानपान और दिनचर्या को हेल्थी बनायें

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.