लिवर को स्वस्थ रखने वाले 10 खाद्य पदार्थ – 10 Best Liver-Cleansing Superfoods in Hindi

एक स्वस्थ व्यक्ति के लिवर का वजन लगभग एक से डेढ़ किलोग्राम होता है। यह हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक होता है। यह शरीर के कई जरूरी कामों जैसे पाचन, मेटाबोलिज्म, इम्युनिटी और पोषक पदार्थों के स्टोरेज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

साथ ही, लिवर एक ग्रंथि होता है, जो शरीर के अन्य भागों के लिए जरूरी केमिकल्स सीक्रेट करता है। यहाँ तक कि, लिवर शरीर का एक मात्र ऐसा भाग है जो अंग भी है और ग्रंथि भी।

लिवर हमारे रक्त की संचरना को नियंत्रित करता है, उसमें से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और आंतों के द्वारा भोजन में से अवशोषित किये गए पोषक पदार्थों को शरीर के उपयोग करने लायक बनाता है। साथ ही यह कुछ विटामिन्स, आयरन और सिंपल शुगर ग्लूकोस को स्टोर भी करता है।

इसके अलावा लिवर इन्सुलिन, हीमोग्लोबिन और अन्य हॉर्मोन्स के तोड़ने की प्रक्रिया में भी शामिल होता है। साथ ही, यह ओल्ड रेड ब्लड सेल्स को नष्ट करता है और ब्लड की क्लोटिंग प्रॉपर्टी को ठीक रखने वाले केमिकल्स निकालता है।

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चूँकि आपने ऊपर जाना कि हमारे लिवर के कितने महत्वपूर्ण काम होते हैं, इसलिए इसे स्वस्थ रखना अत्यधिक आवश्यक होता है। अस्वस्थ खानपान और ख़राब जीवनशैली जीने से लिवर पर काम का लोड बढ़ता है, जिससे यह विषाक्त पदार्थों और फैट को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता। इसके फलस्वरूप शरीर में मोटापा, दिल की बीमारी, लंबी थकान, सिरदर्द, पाचन में गड़बड़ी, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

ऐसे कई खाद्य पदार्थ मौजूद हैं जिनके नियमित सेवन से लिवर को साफ़, एक्टिव और विषाक्त पदार्थों से रहित बनाया जा सकता है। इनके सेवन से आपका लिवर स्वस्थ रहेगा और इसका कामकाज ठीक रहेगा।

यहाँ पर लिवर को साफ़ करने वाले 10 सबसे फायदेमंद खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं

1. लहसुन

लिवर को साफ़ करने में लहसुन काफी लाभकारी होता है। यह लिवर में एंजाइम्स को एक्टिवेट करने में मदद करता है जिससे विषाक्त पदार्थों को क्लियर करने में मदद मिलती है। साथ ही, इसमें एलिसिन (allicin) और सेलेनियम नामक दो नेचुरल कंपाउंड पाए जाते हैं, जो लिवर-क्लीनिंग प्रोसेस को बढ़ाते हैं और लिवर को विषाक्त पदार्थों से डैमेज होने में मदद करते हैं।

इसके अलावा, लहसुन कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड लेवल्स को कम करता है। यह दोनों लिवर को ओवरलोड करते हैं और इसके कामकाज में रुकावट पैदा करते हैं।

अच्छे रिजल्ट पाने के लिए फ्रेश लहसुन का ही सेवन करें, न कि प्रोसेस्ड, पाउडर्ड या कीमा बनाये हुए लहसुन के।

  • रोज 2 या 3 लहसुन की कलियों को अपने भोजन में डालकर सेवन करें।
  • या फिर, आप लहसुन के सप्लीमेंट्स का सेवन भी कर सकते हैं। इसके सही डोज जानने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

2. चकोतरा

चकोतरा में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, पेक्टिन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो लिवर क्लीनिंग प्रोसेस में मदद करते हैं।

साथ ही, इसमें ग्लूटेथिओन (glutathione) नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया है जो फ्री रेडिकल्स को बेअसर करता है और लिवर को डीटॉक्सीफाई करता है। ग्लूटेथिओन हैवी मेटल्स के डिटॉक्सीफिकेशन में भी मदद करता है। और तो और चकोतरा में naringenin फ्लावोनोइड भी होता है जो फैट को तोड़ने में मदद करता है।

रोज एक गिलास ताजा चकोतरा के जूस का सेवन करें या नाश्ते में फल को खाएं।

नोट – यदि आप कोई मेडिसिन ले रहे हैं, तो चकोतरा का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें, क्योंकि यह कुछ दवाओं के साथ रिएक्शन कर सकता है।

3. चुकंदर

चुकंदर भी लिवर को साफ़ करने और और इसके कामकाज को बढ़ाने में काफी मददगार फल होता है। इसमें अत्यधिक मात्रा में प्लांट फ्लावोनोइड्स और बीटा-कैरोटीन पाए जाते हैं जो लिवर के सम्पूर्ण कामकाज को ठीक करते हैं। साथ ही, चुकंदर प्राकृतिक ब्लड प्यूरीफायर होता है।

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  • अपने भोजन में ताजा चुकंदर या इसके जूस को शामिल करें।
  • एक शक्तिशाली लिवर क्लीनिंग सलाद को तैयार करें। एक कप किसा चुकंदर, तीन चम्मच एक्स्ट्रा-वेर्गिन जैतून का तेल और आधे नींबू के रस को आपस में अच्छी तरह से मिला लें। अब रोज दिन में हर दो घंटे के अंतराल में इसकी तीन चम्मच मात्रा का सेवन करें। इसका सेवन कम से कम लगातार सात दिनों के लिए करें।

4. नींबू पानी

नींबू पानी भी लिवर को साफ करने में मदद करता है, क्योंकि इसमें डी-लाइमोनीन एंटीऑक्सीडेंट होता है जो लिवर में डिटॉक्सीफिकेशन को बढ़ाने वाले एंजाइम्स को एक्टिवेट करने में मदद करता है।

साथ ही, नींबू में अत्यधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जो लिवर को पाचन बढ़ाने वाले एंजाइम्स को ज्यादा प्रोड्यूस करने में मदद करता है। नींबू लिवर की खनिज अवशोषण की क्षमता को भी बढ़ाता है।

एक पानी के जार में एक नींबू निचोड़कर जूस तैयार करें। इस जूस को दिन में हर तीन घंटे में आधे गिलास की मात्रा में सेवन करें। आप इसमें स्वादानुसार शहद भी मिला सकते हैं।

5. ग्रीन टी

रोज ग्रीन टी का सेवन करने से शरीर को विषाक्त पदार्थों और अतिरिक्त फैट को बाहर निकालने में मदद मिलती है। साथ ही, यह शरीर का हाइड्रेशन लेवल भी बढ़ाती है।

2002 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ओबेसिटी में हुई एक स्टडी में यह पाया गया कि ग्रीन टी में मौजूद catechins लिवर में लिपिड संश्लेषण को बढ़ावा देता है। इसके फलस्वरूप लिवर में फैट का संचय नहीं होता।

साथ ही, ग्रीन टी लिवर को विषाक्त पदार्थों जैसे अल्कोहल से डैमेज होने से बचाती है। ग्रीन टी लिवर की बिमारियों से बचाव और इलाज में भी सहायक होती है। 2009 में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार जो लोग नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करते हैं उनमें लिवर कैंसर बनने की संभावना कम होती है।

रोज 2 से 3 कप ग्रीन टी का सेवन करें। चाहें तो आप इसमें स्वादानुसार शहद मिला सकते हैं।

नोट: ग्रीन टी का अत्यधिक सेवन न करें, इससे आपके लिवर और अन्य अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है।

6. एवोकाडो

2000 में अमेरिकन केमिकल सोसाइटी में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार एवोकाडो में शक्तिशाली केमिकल्स होते हैं जो लिवर को डैमेज होने से बचा सकते हैं। इसमें ग्लूटेथिओन (glutathione) नामक कंपाउंड पाया जाता है। लिवर को हानिकारक विषाक्त पदार्थों को साफ करने के लिए और ठीक से काम करने के लिए ग्लूटेथिओन कंपाउंड की जरूरत होती है।

साथ ही, एवोकाडो में अत्यधिक मात्रा में मोनोसैचुरेटेड फैट पाया जाता है जो लो-डेंसिटी लाइपोप्रोटीन या “बैड” कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है और हाई-डेंसिटी लाइपोप्रोटीन या “गुड” कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। लिवर गुड कोलेस्ट्रॉल को आसानी से प्रोसेस करता है।

इसके आलावा, एवोकाडो में मिनरल्स, विटामिन्स और प्लांट न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो लिवर के सम्पूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखते हैं और फैट को तोड़ने में मदद करते हैं।

अपने लिवर के डैमेज को ठीक करने के लिए हर हफ्ते कम से कम एक या दो एवोकाडो का सेवन करें।

7. हल्दी

हल्दी भी लिवर को साफ करने वाली काफी कारगर और लोकप्रिय पदार्थ है। साथ ही, यह शरीर की फैट डाइजेस्ट करने की क्षमता को बढ़ाता है।

हल्दी में curcumin नामक कंपाउंड पाया जाता है जो लिवर में glutathione S-transferase नामक महत्वूर्ण विषहरण एंजाइम के फार्मेशन को बढ़ावा देता है। यह लिवर में डैमेज सेल्स के पुनःनिर्माण को भी बढ़ावा देता है।

  • एक गिलास पानी में एक चौथाई चम्मच हल्दी डालकर गर्म करें। इसका सेवन रोज दिन में दो बार करें। ऐसा कम से कम दो हफ़्तों के लिए करें।
  • साथ ही, इस मसाले को अपने भोजन में भी शामिल करें।

8. सेबफल

रोज एक सेब का सेवन करने से लिवर स्वस्थ रहता है। सेबफल पेक्टिन का काफी अच्छा स्त्रोत होता है। पेक्टिन एक घुलनशील फाइबर होता है जो पाचन तंत्र से विषाक्त पदार्थ और रक्त से कोलेस्ट्रॉल बाहर निकालने में मदद करता है। इसके फलस्वरूप, लिवर पर कामकाज का अधिक वोझ नहीं पड़ता।

साथ ही, सेबफल में मेलिक एसिड पाई जाती है। मेलिक एसिड एक प्राकृतिक सफाई करने वाली पोषक तत्व होती है जो रक्त से कार्सिनोजन और अन्य विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है।

हर प्रकार के सेबफल लिवर के स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। साथ ही, लिवर को तेजी से साफ़ करने के लिए आर्गेनिक सेबफल खाएं। रोज एक सेबफल या एक गिलास फ्रेश जूस का सेवन करें।

9. अखरोट

अखरोट में अत्यधिक मात्रा में एमिनो एसिड एल-आर्गिनिन पाया जाता है जो लिवर में अमोनिया को डिओक्सीफाइंग करने में मदद करता है। साथ ही, अखरोट में glutathione और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स पाई जाती हैं जो लिवर की प्राकृतिक सफाई की प्रक्रिया को बढ़ाती हैं।

2008 में जर्नल ऑफ़ एग्रीकल्चरल एंड फ़ूड केमिस्ट्री पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार, अखरोट में मौजूद पालीफिनॉल्स लिवर को कार्बन टेट्राक्लोराइड और डी-गेलेक्टोसेमाईन (d-galactosamine) से डैमेज होने से बचाते हैं।

  • एक मुट्ठी अखरोट को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें।
  • आप इन्हें सलाद, साइड डिश, सूप या बेक किये खाद्य पदार्थों पर छिड़क कर भी सेवन कर सकते हैं।

10. ब्रोकोली

यदि आप प्राकृतिक रूप से अपने लिवर को साफ करना चाहते हैं तो अपने भोजन में ब्रोकोली को शामिल करें। अखरोट में भरपूर मात्रा में glucosinolates होता है जो शरीर से कार्सिनोजन (carcinogens) और अन्य हार्मफुल विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

साथ ही, ब्रोकोली में अत्यधिक फाइबर होता है जो पाचन की प्रक्रिया को ठीक करता है। साथ ही, इसमें फैट-सोल्युबल विटामिन ई होता है, जो लिवर के कामकाज के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है।

अपने लिवर को स्वस्थ रखने के लिए हफ्ते में कम से कम 3 बार 1 कप ब्रोकोली का सेवन करें।

इन सब के अलावा हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार अपने भोजन में से एनिमल फूड्स, शराब, रिफाइंड शुगर, अत्यधिक कैफीन और प्रोसेस्ड फूड्स को कम करें। साथ ही, धूम्रपान न करें क्योंकि इससे लिवर के साथ-साथ शरीर के अन्य अंगों पर अत्यधिक बुरा असर पड़ता है।

1 Response

  1. हरी ओम कहते हैं:

    पेट में गैस ज्यादा बनती है।

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