नीम के 10 फायदे – Neem Health Benefits in Hindi

नीम भारत में पाया जाने वाला एक लाभकारी पेड़ है जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, यूनानी और होम्योपैथिक दवायों के निर्माण में काफी होता है । इसे Indian lilac भी कहा जाता है।

नीम में मौजदू गुण

नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एनाल्जेसिक (दर्द कम करने वाली), एंटीपायरेटिक (बुखार कम करने वाली), एंटीसेप्टिक, एंटीडायबिटिक (मधुमेह रोधी), एंटी-फंगल, शुक्राणुनाशक और रक्त को साफ़ करने वाली प्रॉपर्टीज होती हैं। नीम के पेड़ के विभिन्न भागों में लगभग 140 यौगिक पदार्थ पाए जाते हैं

यह प्रॉपर्टीज और यौगिक पदार्थ होने के कारण नीम कई बिमारियों में राहत प्रदान करने में मदद करती है। इसके विविध मेडिकल उपयोग होने के कारण इसे ‘वन ट्री फार्मेसी’ भी कहा जाता है। नीम का पेड़ पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होता है।

नीम के पेड़ का हर भाग जैसे पत्तियां, जड़, छाल, फल, टहनियाँ आदि सभी का इस्तेमाल चिकित्सा में किया जाता है। इसका इस्तेमाल अंदरूनी और बाहरी, दोनों तरह से किया जाता है।

नीम के 10 सबसे अधिक कारगर फायदे

डैन्ड्रफ (बालों की रूसी ) को खत्म करता है

नीम में एंटी फंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं जो बालों की रूसी को कम करने में मदद करती हैं और सर की त्वचा और बालों को स्वस्थ रखती हैं। यह सिर की खुजली और सूखेपन को भी दूर करती हैं।

  • एक मुट्ठी नीम की पत्तियों को चार गिलास पानी में तब तक उबालें जब तक कि पानी का रंग हरा न हो जाये। अब इसे ठंडा होने दें और फिर बालों में शैम्पू करने के बाद इससे धोएं। यह बालों को नेचुरल कंडीशनर भी प्रदान करेगा।
  • या फिर, नीम के पाउडर में थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्ट तैयार करें। अब इसे अपने सिर बालों में अच्छी तरह से लगा लें। इसे 30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर बालों को शैम्पू से धो लें। इस उपचार को हर दो दिन में एक बार करें जब तक कि रूसी पूरी तरह से खत्म न हो जाये। यह उपचार बालों का झड़ना भी रोकता है।

त्वचा संबंधी समस्याओं (स्किन प्रॉब्लम्स) को दूर करता है

स्किन को स्वस्थ और त्रुटिरहित रखने के लिए नीम काफी फायदेमंद होता है। इसमें एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल और एंटी सेप्टिक प्रॉपर्टीज होती हैं जो कई स्किन प्रॉब्लम्स जैसे मुंहासे, चकत्ते, सोरायसिस और खुजली आदि को खत्म करने में मदद करती हैं।

साथ ही यह घावों को भी भरता है और स्किन को किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन या विषाक्त होने से बचाता है। इसमें उच्च स्तर के एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं जो स्किन को प्रदूषण से बचाते हैं और एजिंग को धीमा कर देते हैं।

  • किसी भी प्रकार की स्किन प्रॉब्लम होने पर कुछ नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लें। अब इसे अपनी स्किन पर लगा लें और सूखने का इंतजार करें। सूखने के बाद इसे ताजा पानी से धो लें। इस उपचार को रोज करें जब समस्या पूरी तरह से खत्म न हो जाये।
  • या फिर, 1 बड़ी चम्मच नीम के तेल में 1/3 चम्मच जैतून का तेल या नारियल का तेल मिला लें। अब इससे अपनी मालिश करें। इससे स्किन सेल्स फिर से युवा हो जायेंगे और स्किन की इलास्टिसिटी बढ़ जाएगी। यह उपचार स्किन को गोरा बनाने में भी मदद करता है।

सिर के जूँ को मारता है

2012 में परजीवी विज्ञान अनुसंधान में पब्लिश हुई एक रिसर्च के अनुसार नीम के बीजों में नेचुरल इंसेक्टिसाइड प्रॉपर्टी होती हैं जो पहले ही उपचार में सिर से जूँ के प्रकोप को खत्म कर देती हैं। साथ ही नीम सिर की खुजली और जलन में भी राहत प्रदान करता है।

  • हफ्ते में दो या तीन बार किसी भी नेचुरल नीम से बने शैम्पू से बालों को धोएं। फिर जूँ निकालने वाली पतली कंघी का प्रयोग करें।
  • या फिर, नीम की पत्तियों का पेस्ट तैयार करके बालों पर लगायें। अब इसे सूखने और हलके गर्म पानी से बालों को धो लें। इस उपचार को लगातार दो महीनों के लिए हफ्ते में 2-3 बार करें।
  • नीम के तेल से बालों की मालिश करने से भी सिर के जूँ खत्म होते हैं। मालिश करने के बाद जूँ निकालने वाली कंघी का इस्तेमाल करें। आप नीम के तेल को रात को सोने से पहले भी लगा सकते हैं।

मुंह को स्वस्थ रखता है

नीम मुंह को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है और विभिन्न प्रकार की मसूड़ों की बिमारियों से भी बचाता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज होती हैं जो मुंह में कैविटी, छाले, प्लेग, मसूड़े की सूजन और अन्य इन्फेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करती हैं। यह लम्बे लम्बे समय तक सांसों को ताजा रखने में भी मदद करता है और मुंह की बदबू को दूर करता है।

  • नीम की पत्तियों में से जूस निकाल लें और इससे दांतों और मसूड़ों का धीरे-धीरे मंजन करें। फिर मुंह को गर्म पानी से धो लें। इस उपचार को रोज एक या दो बार करें। आप नीम की दातून से भी मंजन कर सकते हैं।
  • प्राकृतिक नीम से बने टूथपेस्ट, माउथवाश और अन्य ओरल टॉनिक का इस्तेमाल करें।

रक्त को शुद्ध करता है

नीम काफी शक्तिशाली ब्लड प्यूरीफायर और डिटॉक्सी फायर काम करता है। रक्त शुद्ध होने पर वह ज्यादा ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचा पाता है और विषाक्त पदार्थों को जल्द से जल्द बाहर निकालने में मदद करता है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे किडनी और लिवर की कार्य क्षमता बढ़ती है और शरीर स्वस्थ रहता है। साथ ही इससे डाइजेस्टिव, रेस्पिरेटरी और यूरिनरी  सिस्टम भी ठीक रहता है।

  • रोज सुबह खाली पेट 2-3 नए नीम के पत्तों में शहद डालकर सेवन करें। आप नीम टी का सेवन भी कर सकते हैं।
  • या फिर, रोज 1 या 2 नीम गोलियां सुबह शाम खाएं। सही डोस की जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

मधुमेह को नियंत्रित करता है

इंडियन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी एंड फार्मेसी में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के अनुसार नीम शरीर के ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है और डायबिटीज को रोकता है

नीम की पत्तियों के रस में ऐसे कंपाउंड्स पाए जाते हैं जो डायबिटीज के मरीजों की इन्सुलिन की जरूरत को कम करते हैं।

  • नीम की टेबलेट्स ब्लड ग्लूकोस लेवल को कम करने में मदद करती हैं। इसलिए अपने डॉक्टर से सलाह लेकर इसका सेवन करें।
  • इसके आलावा डायबिटीज से बचे रहने के लिए रोज सुबह 4 से 5 नीम की पत्तियों को चबाकर खाएं।

पेट के कीड़ों को खत्म करता है

नीम एंटी पैरासाइटिक प्रॉपर्टीज होने के कारण यह रोगनिवारक (क्यूरेटिव) और रोग से बचाने वाला (प्रिवेंटिव), दोनों तरह से काम करता है। नीम में कुछ ऐसे कंपाउंड्स होते हैं जो पेट के कीड़ों (पैरासाइट) की खाने की क्षमता को कम कर देते हैं, उनके लाइफ साइकिल को खत्म कर देते हैं और नए पैरासाइट को पैदा नहीं होने देते। पेट के कीड़े मरने के बाद पेट में जो विषाक्त पदार्थ छोड़ जाते हैं, नीम उन्हें भी बाहर निकालने में मदद करती है।

  • रोज सुबह खाली पेट नीम की पत्तियां चबाएं या फिर नीम की चाय का सेवन करें।
  • या फिर, डॉक्टर की सलाह लेकर नीम के कैप्सूल या सप्लीमेंट्स लें।

गठिया की सूजन से छुटकारा दिलाता है

गठिया या आर्थराइटिस के इलाज में नीम काफी प्रचलित हर्बल है, खासतौर से ऑस्टियोआर्थराइटिस और रयूमेटाइड आर्थराइटिस में। यह जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है।

  • एक मुट्ठी नीम की पत्तियों को एक गिलास पानी में उबालें। अब पानी को छान लें और ठंडा होने दें। इस पानी को दिन में दो बार सेवन करें। ऐसा लगातार 1 महीने तक करने से गठिया के दर्द और सूजन में काफी फायदा मिलता हैं।
  • जोड़ों की नीम के तेल से मालिश करने से भी दर्द में काफी राहत मिलती है।

नाखूनों में होने वाली समस्यायों से लड़ता है

नाखूनों में होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या जैसे नाखून टूटना, छिल जाना या नाखूनों का कड़क हो जाना आदि को ठीक करने के लिए नीम काफी फायदेमंद होता है। इसमें एंटीसेप्टिक और एंटी फंगल प्रॉपर्टीज होती हैं जो नाखूनों में होने वाले विभिन्न प्रकार के इन्फेक्शन जैसे toenail fungus आदि को रोकती हैं।

  • रोज दिन में दो बार नीम के तेल को इन्फेक्टेड एरिया में लगायें। यह उपचार आपके नाखूनों को मजबूत भी बनाएगा और उन्हें छिलने या टूटने से रोकेगा।

कैंसर को ठीक करता है

2014 में रोजवेल पार्क कैंसर इंस्टीट्यूट में हुई एक रिसर्च के अनुसार नीम में chemopreventive और antitumor effetcs होते हैं जो विभिन्न प्रकार के कैंसर जैसे सर्वाइकल और प्रोस्टेट कैंसर को ठीक करने में करते हैं।

नीम में कई कंपोनेंट्स और एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ा देते हैं, इन्फ्लामेशन को कम करते हैं, फ्री रेडिकल्स को बाहर निकाल देते हैं और सेल्स के फालतू डिवीज़न को रोक देते हैं।

नोट – कैंसर के इलाज या इससे बचने के लिए नीम का प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

ध्यान रखें – कभी भी नीम के तेल का सेवन न करें। नवजात शिशुयों या छोटे बच्चों को नीम का सेवन न कराएँ। गर्भवती और दूध पिलाने वाली मदर्स भी नीम का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

6 Responses

  1. अमन यादव कहते हैं:

    हम भी खाते हैं आप भी खाएं। यह प्रकृति का वरदान है।

  2. patale madhav prakash कहते हैं:

    neem is good tree and very useful in daily life

  3. लक्ष्मण दास कहते हैं:

    चरम रोग का इलाज.

  4. भगवन महाजन कहते हैं:

    very good

  5. वचराज कहते हैं:

    नीम के अनेक फायदे, सेवन करने से जरूर फायदा होगा

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