तुलसी के 10 फायदे – Basil Health Benefits in Hindi

तुलसी एक अत्यधिक सुगन्धित पौधा होता है । हिन्दुओं में पूजनीय पौधा होने के कारण यह भारत के लगभग हर घर में पाया जाता है। तुलसी को रसोई मसालों के रूप में भी किया जाता है। साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी यह काफी फायदेमंद होता है इसलिए इसका इस्तेमाल आयुर्वेद और मेडिकल साइंस में काफी प्रचलित है। तुलसी के पत्तों और फूलों में ऐसे कई केमिकल कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जिन्हें विभिन्न बिमारियों के इलाज में फायदेमंद माना जाता है और जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

तुलसी एक लो-कैलोरी हर्ब होता है जिसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं। साथ ही यह शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करती है जैसे विटामिन ए, सी, के, मैंगनीज, कॉपर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और ओमेगा-3 फैट्स। यह सभी पोषक पदार्थ शरीर को स्वस्थ रखने में काफी मदद करते हैं।

स्वास्थ्य के लिए तुलसी के 10 सबसे अधिक कारगर फायदे नीचे दिए जा रहे हैं

सर्दी जुकाम, बुखार और कॉमन कोल्ड को ठीक करती है

तुलसी की पत्तियों को सामान्य सर्दी-जुकाम, बुखार और कॉमन कोल्ड के उपचार में इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • बुखार या सर्दी-जुकाम होने पर तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाकर खाएं।
  • बरसात के मौसम में, जब डेंगू और मलेरिया होने की सम्भावना ज्यादा होती है, तब तुलसी की ताजा और नई पत्तियों को पानी में उबालकर सेवन करें।
  • छोटा-मोटा बुखार होने पर एक कप पानी में कुछ तुलसी की पत्तियां और इलाइची का पाउडर डालकर उबालें और काढ़ा तैयार करें। अब इसे दिन में दो तीन बार सेवन करें। यह काढ़ा शरीर के टेम्परेचर को कम करने में मदद करेगा।

खांसी में राहत प्रदान करती है

खांसी का सिरप बनाने में तुलसी को काफी इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए इस सिरप को बाजार से खरीदने के बजाय आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं।

  • एक कप पानी में आठ तुलसी की पत्तियां और पांच लौंग डालकर, 10 मिनट के लिए उबालें। आप इसमें स्वादानुसार नमक भी डाल सकते हैं। अब इसे ठंडा होने दें और फिर पी लें।
  • सर्दी खांसी के कारण हुई गले की खरास होने पर, एक गिलास पानी में कुछ तुलसी की पत्तियों को उबालें। अब इस पानी से कुल्ला या गरारे करें। तुलसी में मौजूद विभिन्न कंपाउंड्स, बलगम (mucus) को साफ करके नाक और गले के रास्ते को खोल देते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है

ताजा तुलसी की पत्तियों का नियमित सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कई शोधों से यह पता चला है कि तुलसी में ऐसे कई केमिकल कंपाउंड्स होते हैं जो शरीर की इन्फेक्शन-फाइटिंग एंटीबाडीज को 20 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। अच्छा रिजल्ट पाने के लिए हमेशा ताजा तुलसी की पत्तियों का सेवन करें।

डिप्रेशन और चिंता को कम करने में मदद करती है

तुलसी को एंटी स्ट्रेस एजेंट भी माना जाता है। कई शोधों से यह साबित हुआ है कि तुलसी तनाव, चिंता और डिप्रेशन को कम करने में काफी मदद करती है।

कोई भी चिंता, डिप्रेशन आदि होने पर रोज सुबह-शाम 10-12 ताजा तुलसी की पत्तियों को चबाकर खाएं। इन पत्तियों को चबाने से रक्त भी शुद्ध होता है।

आंखों की रोशनी को बढ़ाती है

आंखों की रोशनी को ठीक रखने के लिए विटामिन ए की जरूरत होती है। सिर्फ 100 ग्राम तुलसी की पत्तियों में ही हमारी रोज की विटामिन ए की जरूरत का हिस्सा मौजूद होता है।

विटामिन ए की कमी से होने वाले रोग जैसे आंखों में दर्द और रतौंधी को ठीक करने के लिए तुलसी का जूस काफी फायदेमंद होता है। रोज सोने से पहले तुलसी के रस की दो बूंदे आंखों में डालें।

मुंहासे होने से बचाती है

यह हर्ब चेहरे पर मुंहासे होने से बचाती है और पहले से हुए मुंहासों को खत्म कर देती है। तुलसी की ताजा पत्तियों से निकला आयल या जूस, स्किन पर छिद्रों को भरने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर देता है। स्किन के छिद्र बंद होने के कारण ही मुंहासे होते हैं। यदि आपको पहले से ही मुंहासे हैं तो उनके बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए तुलसी का रस लगायें।

तुलसी अन्य स्किन प्रॉब्लम्स जैसे दाद (ringworm)सोरायसिस और इन्सेक्ट बाईट को ठीक करने में भी मदद करती है। इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जो स्किन के इन्फ्लेमेशन को कम करने राहत प्रदान करती हैं। यह स्किन को मुलायम, कोमल और स्वस्थ बनाने में भी मदद करती है।

मुंह को स्वस्थ रखती है

मुंह को स्वस्थ रखने के लिए भी तुलसी फायदेमंद होती है। यह मुंह की बदबू, पायरिया और अन्य मसूड़ों की बिमारियों को खत्म करने में मदद करती है।

  • तुलसी की कुछ ताजा पत्तियों को दो दिन के लिए धूप में सुखाएं।
  • जब यह पत्तियां सूख जाएँ तो इनको पीसकर पाउडर बना लें। अब इस पाउडर से दांतों में ब्रश करें। आप इसमें सरसों का तेल मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे अपने मसूड़ों की मालिश भी करें।

गुर्दे की पथरी को निकालने में मदद करती है

तुलसी किडनी के कामकाज को ठीक करती है और गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) को बाहर निकालने में मदद करती है।

  • किडनी को स्वस्थ रखने के लिए रोज खाली पेट 5-6 तुलसी की पत्तियों का सेवन करें।
  • यदि आपको पथरी है तो तुलसी के जूस और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करें। इसे लगातार 4-5 महीनों के लिए रोज सेवन करें। यह पथरी को मूत्र मार्ग के जरिये बाहर निकालने में मदद करेगी।

पेट की समस्याओं को दूर करती है

तुलसी हमारे पाचन तंत्र के लिए भी लाभदायक होती है। इसका जूस पेट के दर्द और ऐंठन को ठीक करने के लिए काफी लाभदायक होता है।

  • तुलसी के जूस और अदरक के जूस को बराबर मात्रा में मिलाकर पी लें। यह पेट दर्द में तुरंत राहत प्रदान करेगा।
  • आप तुलसी की पत्तियों की चाय सेवन करके भी पेट की विभिन्न समस्यायों जैसे कब्ज, अपच, बवासीर और एसिडिटी का इलाज कर सकते हैं।

सिरदर्द में आराम प्रदान करती है

तुलसी मांसपेशियों को आराम दिलानेवाली मेडिसिन (muscle relaxant) की तरह काम करती है।

  • तुलसी की पत्तियों को पहले कूट लें और फिर ऊपर से थोड़ा सा चन्दन का पाउडर डालकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने माथे पर लगा लें। यह डिप्रेशन और टेंशन के कारण हुए सिरदर्द में तुरंत राहत प्रदान करेगी।
  • या फिर, सिन में दो बार तुलसी की चाय का सेवन करें। चाय बनाने के लिए एक कप उबलते पानी में कुछ पत्तियों को डालें और फिर कुछ देर के लिए इसे उबलने दें। अब इस चाय को छानकर पी लें।
  • छोटा-मोटा सिरदर्द होने पर आप तुलसी की पत्तियों को चबाकर या सीधे माथे पर मलकर भी आराम प्राप्त कर सकते हैं।

यदि आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो सबसे पहले इसे घर में लगायें। क्योंकि ताजा तुलसी की पत्तियां अधिक फायदेमंद होती हैं और यह पौधा आसपास की हवा को भी शुद्ध रखता है।

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